नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बारिश से प्रभावित मुकाबलों को लेकर हाल ही में लिए गए फैसले पर कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने नाराजगी जाहिर की है। फ्रेंचाइज़ी ने इसे “आकस्मिक और असंगत” बताते हुए कहा कि अगर यह नियम टूर्नामेंट की दोबारा शुरुआत के साथ ही लागू होता, तो शायद वे आज भी प्लेऑफ की दौड़ में होते।
मंगलवार को आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने घोषणा की कि बचे हुए नौ लीग मैचों में बारिश की स्थिति को देखते हुए हर मुकाबले में 120 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा, ताकि पूरे 20 ओवर का खेल संभव हो सके। इससे पहले केवल एक घंटे का अतिरिक्त समय शाम के लीग मैचों के लिए निर्धारित था, जबकि प्लेऑफ मुकाबलों के लिए दो घंटे की अतिरिक्त समय सीमा पहले से थी।
आईपीएल के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर हेमांग अमीन ने सभी दस फ्रेंचाइज़ियों को भेजे एक ईमेल में कहा, “मानसून के जल्दी आगमन के कारण बारिश की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।”
केकेआर की आपत्ति: समय पर फैसला क्यों नहीं हुआ?
हालांकि केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने इस बदलाव के समय और इसके प्रभाव पर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि 17 मई को जब आईपीएल दोबारा शुरू हुआ और केकेआर का मुकाबला आरसीबी से था, तब भी बारिश का खतरा पहले से ही ज्ञात था। उन्होंने कहा, “यह समझा जा सकता है कि कभी-कभी सीज़न के दौरान नियमों में बदलाव जरूरी हो जाते हैं, लेकिन ऐसे फैसलों को लागू करने में पारदर्शिता और निरंतरता होना बेहद जरूरी है।”
गौरतलब है कि 17 मई को बेंगलुरु में आरसीबी बनाम केकेआर मैच बारिश के कारण बिना एक गेंद फेंके रद्द कर दिया गया था। दर्शकों को उस दिन हाल ही में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके विराट कोहली को विदाई देने का भी इंतज़ार था, लेकिन खराब मौसम ने मैच की पूरी संभावना खत्म कर दी।
“अगर दो घंटे का एक्सट्रा टाइम तब होता…”
वेंकी मैसूर ने तर्क दिया कि अगर उस दिन भी 120 मिनट का अतिरिक्त समय उपलब्ध होता, तो कम से कम 5-5 ओवर का मैच संभव हो सकता था, जिससे केकेआर की प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रह सकती थीं।