सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: रिश्ते टूटने पर रेप का केस करना गलत

By: PalPal India News
May 31, 2025

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि अगर दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से रिश्ता बनता है और बाद में वह रिश्ता टूट जाता है, तो इसे शादी का झूठा वादा बताकर बलात्कार का मामला दर्ज नहीं किया जा सकता जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे मामलों से न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव पड़ता है और साथ ही आरोपी की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी गंभीर क्षति होती है।

पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि शुरुआत से ही आरोपी का इरादा धोखा देने का हो, तभी शादी का झूठा वादा मान्य हो सकता है। लेकिन यदि रिश्ता आपसी सहमति से बना और बाद में किसी कारणवश खत्म हो गया, तो इसे रेप की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने धारा 376 (बलात्कार) के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सिर्फ शादी का वादा टूटने पर बलात्कार का केस दर्ज करना गलत है। इस प्रवृत्ति से न केवल निर्दोषों की छवि को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इससे असली पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है।

इस फैसले के साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र के अमोल भगवान नेहुल के खिलाफ दर्ज रेप केस को रद्द कर दिया। नेहुल ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसकी आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए उसके खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया।

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