नई दिल्ली। देश में मानसून की दस्तक के साथ ही कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। रविवार को राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाओं ने गर्मी से कुछ राहत दी, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक देश के कई हिस्सों में इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना जताई है। पूर्वोत्तर भारत के छह राज्यों में लगातार भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाएं सामने आई हैं। बीते तीन दिनों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है। मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम, असम और अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट अब भी जारी है। मणिपुर की राजधानी इंफाल जलमग्न हो चुकी है और कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है। सिक्किम में करीब 1200 पर्यटक भूस्खलन की वजह से फंसे हुए हैं। तीस्ता नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगन और चुंगथांग को जोड़ने वाला फिदांग बेली ब्रिज आंशिक रूप से टूट चुका है, जिसका मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर हालात की जानकारी ली है और हर संभव मदद का भरोसा दिया है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में गर्जना के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। एमपी के 14 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं राजस्थान में रविवार रात तेज आंधी और बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत दी। मौसम विभाग के अनुसार, 2 जून से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे 2 से 4 जून तक तेज आंधी, तूफान (50–60 किमी/घंटा की रफ्तार से) और बारिश का दौर जारी रह सकता है।