पलपल इंडिया प्रतिनिधि। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार दुश्मन देश पाकिस्तान को जमकर लताड़ लगाई है। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करके कहा कि 6 मई की रात आतंकियों पर कयामत बरसी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने तिरंगा को हवा में भी लहराया। चिनाब ब्रिज के उद्घाटन के बाद पीएम मोदी ने कटरा में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने एक बार फिर पाकिस्तान पर निशाना साधा है। पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान मानवता और गरीबों की रोजी-रोटी का विरोधी है। पाकिस्तान ने कश्मीर के आदिल को भी मार डाला है।
पीएम मोदी ने कहा पाकिस्तान की साजिश कश्मीर को तबाह करने की थी। पाकिस्तान ने कश्मीर की कई पीढ़ियों को बर्बाद किया है। कश्मीर ने आतंक को ही अपना भाग्य मान लिया था। अब यहां के हालात बदल रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि पहलगाम में इंसानियत और कश्मीरियत पर हमला किया गया है। पाकिस्तान टूरिज्म का विरोधी है। इसके साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि पाकिस्तान जब कभी भी ऑपरेशन सिंदूर का नाम लेगा। उसे अपनी दर्दनाक शिकस्त याद आएगी।
पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि 6 मई की रात आतंकियों पर कयामत बरसी। बौखलाए पाकिस्तान ने कश्मीर के आम लोगों पर हमला किया। इन्होंने कश्मीर के गुरद्वारा और मस्जिद पर भी हमला किया।
पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की एकता और इच्छा शक्ति का विराट अनुभव है। ये भारत के नए सामर्थ्य का उद्घोष है। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि चिनाब ब्रिज के उद्घाटन से जम्मू-कश्मीर के लाखों लोगों का सपना पूरा हो गया है।
कटरा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लाइन परियोजना सिर्फ एक नाम नहीं है, ये जम्मू-कश्मीर की नई ताकत की पहचान है। ये भारत की नई शक्ति का उद्घोष है। थोड़ी देर पहले मुझे चिनाब और अंजी ब्रिज का उद्घाटन करने का अवसर मिला। आज जम्मू-कश्मीर को दो नई वंदे भारत ट्रेनें मिलीं हैं। ये 46 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर के विकास को गति देंगी।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘आज का कार्यक्रम भारत की एकता और इच्छाशक्ति का बहुत बड़ा उत्सव है। माता वैष्णोदेवी के आशीर्वाद से आज कश्मीर घाटी भारत के रेल नेटवर्क से जुड़ गई है। माता भारती का वर्णन करते हुए हम श्रद्धा के साथ कहते रहे हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक रेल का नेटवर्क है। यह अब रेलवे नेटवर्क के लिए भी एक वास्तविकता बन गई है।’