पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मोहन भागवत ने कहा कि देश की आजादी के लिए 1857 से प्रयास शुरू हो गए थे। हर जगह आग भड़क उठी थी। इसके बाद आंदोलन की आग कभी शांत नहीं हुई। प्रयास जारी रहे। इन सब के योग से ही हमें आजादी मिल सकी। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर में कहा देश की आजादी किसी एक व्यक्ति की देन नहीं है। सामूहिक विचार की अहमियत बताते हुए उन्होंने कहा कि सामूहिक विचार से ही संघ की दिशा तय होती है। संघ का काम एक दो लोगों का काम नहीं है। संघ जो भी करता है, जो भी बोलता है, वह सामूहिक निर्णय से ही तय होता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि देश को आजादी किसकी वजह से मिली, इसको लेकर तो हमेशा ही बहस होती रही है, लेकिन हकीकत यह है कि आजादी किसी एक व्यक्ति की वजह से नहीं मिली। इसके लिए 1857 से प्रयास शुरू हो गए थे। हर जगह आग भड़क उठी थी। इसके बाद आंदोलन की आग कभी शांत नहीं हुई, प्रयास जारी रहे। इन सब के योग से ही हमें आजादी मिल सकी।
डॉक्टर मोहन भागवत वरिष्ठ स्वयंसेवक रामचंद्र देवतारे की दो भाग वाली किताब संघ जीवन के विमोचन के अवसर पर नागपुर में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आजादी को लेकर यह बयान दिया और साथ मिलकर काम करने की अहमियत समझाई।
सामूहिक विचार व निर्माण का महत्व बताते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंचालक डॉक्टर मोहन भागवत ने कहा कि सामूहिक विचार से ही संघ की दिशा तय होती है। संघ का काम एक दो लोगों का काम नहीं है। संघ जो भी करता है और जो भी बोलता है, वह सामूहिक निर्णय से होता है। सरसंचालक ने संघ कार्यकर्ताओं के जीवन शैली का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में दिखाने का महत्व है, लेकिन दिखने से ज्यादा महत्वपूर्ण है व्यक्तित्व का होना।