पलपल इंडिया प्रतिनिधि। इंदौर के युवक राजा रघुवंशी की हत्या की गुत्थी लगभग सुलझ गई है। राजा रघुवंशी शादी के बाद अपनी पत्नि सोनम के साथ मेघालय के शिलांग हनीमून मनाने गया था। सभी इस बात से बेखबर थे की राजा की मौत उसका इंतजार कर रही थी। आरोप है कि सोनम ने ही साजिश के तहत अपने पति राजा की हत्या करवाई। सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक ढाबे पर पकड़ा गया है। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि जब सोनम गाजीपुर के काशी ढाबे पर पहुंची थी, तब उसे किसने फोन दिया। किसके कहने पर सोनम ने पुलिस बुलाई गई। आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब।
गाजीपुर-वाराणसी हाईवे पर काशी ढाबे के मालिक शंकर यादव ने सोनम को लेकर बड़ी जानकारी दी है। शंकर यादव के मुताबिक, “सोनम बहुत घबराई हुई थी। ढाबे में कुछ लोग थे जिनसे उसने मोबाइल मांगा लेकिन किसी ने दिया नहीं। ढाबे पर कुछ लोग सोनम को पहचान गए थे। लेकिन हम नहीं पहचाने। हमारे भाई ने सोनम को फोन दिया। आधे घंटे तक सोनम ने घर पर बात की। घरवालों के कहने पर हमने पुलिस बुलाई। फिर पुलिस सोनम को ले गई।”
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, सोनम और राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। इस काम के लिए राज ने सुपारी किलर्स को हायर किया। राज शिलॉन्ग नहीं आया, बल्कि वह फोन के जरिए सोनम के साथ संपर्क में था। राजा रघुवंशी की हत्या को अंजाम देने के लिए शिलॉन्ग में तीन सुपारी किलर मौजूद थे- आकाश, विशाल और आनंद। राज कुशवाहा फोन पर सब कॉर्डिनेट कर रहा था। सोनम साजिश के तहत जानबूझकर राजा रघुवंशी को सुनसान सड़क पर लेकर गई। सुनसान सड़क पर पहुंचते ही तीनों हत्यारों ने तेज धार वाले हथियार से राजा रघुवंशी की हत्या कर दी।