उज्जैन में रामायणकालीन लक्ष्मण बावड़ी को मिला नवजीवन-मुख्यमंत्री डॉ. यादव

By: PalPal India News
June 18, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पुरानी जल-संरचनाओं को फिर से उसी स्वरूप में लाने के लिए चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान ने उज्जैन की रामायणकालीन लक्ष्मण बावड़ी को नवजीवन के साथ पुरानी वैभव भी लौटाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 

इस शानदार कार्य की सराहना की है। उल्लेखनीय है कि विगत दिनों मुख्यमंत्री डॉ. यादव अपने उज्जैन प्रवास के दौरान चिंतामण स्थित लक्ष्मी बावड़ी पहुंचे थे और बावड़ी उत्सव में शामिल होकर जीर्णोद्धार कार्य की शुरूआत पूजन करके की थी।

उज्जैन में चिंतामण मंदिर स्थित लक्ष्मण बावड़ी का भी साफ-सफाई, रंगरोगन और पुनरुद्धार कार्य किया गया। प्राचीन लक्ष्मण बावड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पौराणिक स्थल है। इस बावड़ी का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है। जन आस्था के अनुसार इसके जल को पवित्र और चमत्कारी माना जाता रहा है। यह बावड़ी रामायण काल से आज तक उज्जैन की धरती पर स्थित है और स्थानीय जनआस्था का केन्द्र बनी रही है। लेकिन समय के साथ रखरखाव की कमी के चलते यह अपना मूल स्वरूप खो चुकी थी।

  जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लक्ष्मण बावड़ी में किए गए कार्य के बाद बावड़ी को पुनर्जीवन मिला। भागीरथी प्रयासों से आज यह प्राचीन बावड़ी फिर से अपने पौराणिक स्वरूप में लौट आई है और आस्था के केन्द्र के रूप में पुनः स्थापित हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वयं “बावड़ी उत्सव” के दौरान इसी स्थान पर पहुंचे, उन्होंने बावड़ी का निरीक्षण, पूजन किया और जल संरक्षण का संदेश भी दिया। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लाखों जल संरचनाओं को जीर्णोद्धार कर पुनर्जीवन प्रदान किया गया है। यह अभियान 30 जून तक संचालित होगा।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जल गंगा संवर्द्धन अभियान के अंतर्गत अनेक स्थानों पर प्राचीन बावड़ी मिली है। जिला प्रशासन ने इनके संरक्षण के लिये जनभागीदारी से साफ-सफाई कार्य को प्राथमिकता से किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में 30 मार्च गुड़ी पड़वा नववर्ष प्रतिपदा पर जल गंगा संवर्द्धन अभियान की शुरूआत की गई थी।

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