पलपल इंडिया प्रतिनिधि। सतना के पास एक ट्रेन में किन्नरों के यात्रियों से छीना-झपटी करते हुए घटना सामने आने के बाद रेल सुरक्षा बल ने चौकसी बढ़ा दी है। जबलपुर से कटनी और जबलपुर से पिपरिया रेलखंड पर लगभग 50 किन्नरों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपित ट्रेन के आरक्षित कोचों में घुसकर यात्रियों से वसूली कर रहे थे। जबकि पहले भी किन्नरों के चलती ट्रेन में वसूली और यात्रियों से अभद्रता की लगातार शिकायतें मिल रही थी। इस पर रेल सुरक्षा बल की जबलपुर पोस्ट ने सघन जांच अभियान चलाया। ट्रेन में अवैध तरीके से यात्रा करते और यात्रियों से वसूली के आरोपित किन्नरों को पकड़ा है। आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब के अनुसार, आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, इसके साथ चेतावनी दी गई है। यात्रियों के साथ दोबारा अभद्रता करने के मामले मिलने पर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुछ समय से किन्नर ट्रेन के आरक्षित कोचों में भी चढ़ रहे थे। हाल में कुछ किन्नर एसी कोच में घुस गए। यात्रियों से रुपये मांगने लगे। कुछ यात्रियों ने उनके आचरण पर आपत्ति किया तो किन्नरों ने हंगामा किया। अपशब्द कहते हुए यात्रियों से विवाद किया। इस पर यात्रियों ने रेलवे और आरपीएफ से शिकायत की। तुरंत आरपीएफ सक्रिय हुई और ट्रेनों में जांच की गई। इस दौरान ट्रेन के चलने की प्रतीक्षा में स्लीपर कोच में छिपकर बैठे किन्नरों को भी पकड़ा गया है।
जबलपुर में पश्चिम मध्य रेल की विजिलेंस ने बनारस-एलटीटी (12168) सुपर फास्ट ट्रेन में छापा मारा। जांच में ट्रेन के एक टीटीई के पास 1080 रुपये अधिक मिलने पर उसके विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया। बनारस-एलटीटी ट्रेन मंगलवार की रात को जैसे ही जबलपुर पहुंची विजिलेंस ने ट्रेन के टिकट निरीक्षकों को घेर लिया।
इस दौरान एक-एक कर समस्त टिकट निरीक्षकों के जांच के लेखा-जोखा का निरीक्षण किया गया। उनके पास रखी नकद राशि की गणना की गई। इस दौरान टीटीई सिकंदर सिंह के पास रिकार्ड से 1080 रुपये अधिक मिले। अतिरिक्त रुपयों के संबंध में वह संतोषजक उत्तर नहीं दे सके। इस पर विजिलेंस ने टीटीई के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध किया। इस रेल खंड पर ट्रेन में चल रहे टिकट निरीक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर विजिलेंस को कुछ समय से शिकायत मिल रही थी।