समस्तीपुर. समस्तीपुर जिले के पटोरी प्रखंड से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरबार पंचायत के भगवतीपुर स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छुट्टी के बाद एक बच्ची को कक्षा में बंद कर शिक्षक घर चले गए। मासूम बच्ची लगभग तीन घंटे तक कमरे में अकेली बंद रही और लगातार रोती-बिलखती रही।
जानकारी के अनुसार, छुट्टी के समय शिक्षक ने स्कूल का मुख्य गेट और कमरे को ताला लगाकर बंद कर दिया, लेकिन इसी दौरान एक बच्ची कक्षा के भीतर ही रह गई। वह स्कूल के बेंच पर बैठी हुई थी और उसकी मौजूदगी किसी ने नहीं देखी। माना जा रहा है कि बच्ची किसी कोने में बैठी थी, जिसे शिक्षक नहीं देख पाए।
करीब दो घंटे बाद गांव के ही एक व्यक्ति — जो पासी समुदाय से हैं — ताड़ी उतारने के लिए पेड़ पर चढ़े हुए थे। उसी समय उन्हें स्कूल परिसर से एक बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने तुरंत नीचे उतरकर गांव के अन्य लोगों को सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
ग्रामीणों ने तुरंत स्कूल का ताला तोड़कर बच्ची को बाहर निकाला। बच्ची डरी-सहमी थी और लगातार रो रही थी। पूरी घटना का वीडियो भी स्थानीय लोगों ने रिकॉर्ड किया। गनीमत रही कि समय रहते बच्ची की आवाज किसी ने सुन ली, वरना कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल में जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने शिक्षकों की लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि बच्चों की सुरक्षा में इस तरह की चूक माफ़ नहीं की जा सकती।
जब स्कूल के शिक्षक से पूछताछ की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा,
“छुट्टी के बाद सभी बच्चों को बाहर भेज दिया गया था। मैंने कमरे चेक किए और फिर ताला लगाकर चला गया। संभव है कि बच्ची किसी कोने में बैठी हो, जिसे मैं देख नहीं पाया।”