आ गया Perplexity का नया AI ब्राउजर ‘Comet’

By: PalPal India News
June 27, 2025

एक नया ब्राउजर आने वाला है, लेकिन ये सिर्फ आपको वेब नहीं दिखाना चाहता. बल्‍क‍ि ये आपके लिए वेब को समझना भी चाहता है. जी हां, Perplexity कंपनी एक ऐसा ही AI से चलने वाला ब्राउजर बनाया है, ज‍िसका नाम है Comet. हालांक‍ि बहुत से लोगों के ल‍िए ये नया नहीं है और इससे पहले भी ये अपने कंवर्सेसनल सर्च इंजन के साथ धूम मचा चुका है. अभी शुरुआती दौर में इसका एक्‍सेस सीमित है. Comet सिर्फ एक Chrome का ऑप्‍शन नहीं है. आप ज‍ितना इसके बारे में सोच रहे हैं, उससे कहीं ज्‍यादा है. इसे यूज करने के बाद आपको ऐसा लगेगा क‍ि AI-फर्स्‍ट वर्ल्‍ड में ब्राउजर क्या होना चाहिए, इस पर दोबारा सोचने की जरूरत है.

दरअसल, दशकों से, हम एक तरह से ही ब्राउज‍िंग करते आ रहे हैं. तरीका लगभग एक जैसा ही रहा है. आप एक सर्च इंजन खोलते हैं, कुछ कीवर्ड टाइप करते हैं, नीले लिंक स्क्रॉल करते हैं, क्लिक करते हैं, स्कैन करते हैं, शायद दस टैब खोलते हैं और तब तक दोहराते हैं जब तक आपकी जिज्ञासा या धैर्य खत्म नहीं हो जाता. क्रोम और माइक्रोसॉफ्ट एज का एक इसमें एकक्षत्र राज है. दोनों ने स्पीड, सिंक और टैब्स के लिए ऑप्टिमाइज किया है. लेकिन वे अभी भी वेब को पन्नों की लाइब्रेरी की तरह ही देखते हैं, न कि कुछ ऐसा जिसे एक्‍ट‍िव रूप से समझा जा सके. कॉमेट इस मॉडल को पूरी तरह से बदल रहा है.

कॉमेट की बुनियाद उसी एआई इंजन पर आधारित है जो पर्प्लेक्सिटी के लोकप्रिय आंसर-फर्स्ट सर्च टूल को शक्ति देता है. लेकिन स्मार्ट जवाबों को सिर्फ सर्च बार तक सीमित रखने के बजाय, कॉमेट इन्हें आपके पूरे ब्राउज‍िंग एक्‍सपीर‍िएंस में फैलाता है. ये सिर्फ जानकारी ढूंढने में मदद नहीं करता, बल्कि इसके साथ काम करने, सवाल पूछने और इसे समझदारी से नेविगेट करने में भी मदद करता है.

आप जरा कल्पना करें कि क्रोम में आप कोई कठ‍िन शब्‍दों में ल‍िखे समाचार या टेक्‍नीकल ब्‍लॉग पोस्‍ट पढ़ रहे हैं. अब इस समाचार को पढते हुए या उस टेक्‍नीकल पोस्‍ट को पढते हुए आपके जेहन में कई सवाल आएंगे, कई शब्‍द ऐसे म‍िलेंगे, जो समझ ही नहीं आएगा. उसे समझने के ल‍िए आप एक नया वेब पेज खोलेंगे. आमतौर पर ऐसा ही करते हैं लोग. लेक‍िन कॉमेट में, आप बस टेक्स्ट को हाइलाइट कर सकते हैं और एआई इसे आसान भाषा में समझा देगा और उसके सोर्स का लिंक भी देगा. तो आपको लगेगा क‍ि आपका ब्राउजर, स‍िर्फ ब्राउज‍िंग नहीं करा रहा, बल्‍क‍ि आपका एक पर्सनल ट्यूटर के रूप में भी काम कर रहा है.

कॉमेट को आप एक असिस्टेंट ही मान‍िये. ये सर्च को समझता है और बातचीत के लिए तैयार रहता है. आप ब्राउज‍िंग के बीच में भी सवाल पूछ सकते हैं, लंबे पेजों का सारांश मांग सकते हैं या एक रिसर्च थ्रेड शुरू कर सकते हैं जिसमें कॉमेट आपके सवालों, जवाबों और स्रोतों को एक साफ-सुथरी टाइमलाइन में ट्रैक कर सकता है. ये थ्रेड्स लाइव डॉक्‍यूमेंट्स की तरह होते हैं, जो ब्राउज‍िंग हिस्ट्री और स्टडी गाइड का मिश्रण होते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *