पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में गुरुवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव के दौरे से ठीक एक दिन पहले एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। इंदौर से भेजी गईं मुख्यमंत्री के काफिले की 19 गाड़ियां रतलाम पहुंचते ही खराब हो गईं। एक-एक कर सभी गाड़ियां बंद हो गईं। जांच में सामने आया है कि इन वाहनों में जिस पेट्रोल पंप से डीजल भरवाया गया था, उसमें डीजल के साथ पानी की मिलावट थी।
दरअसल, इन 19 गाड़ियों को इंदौर डीआरपी लाइन से विशेष रूप से बुलाया गया था, ताकि मुख्यमंत्री, उनके सुरक्षाकर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और कार्यक्रम में शामिल हो रहे कैबिनेट मंत्रियों को हवाई पट्टी से लेकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया जा सके। यह सभी गाड़ियां मुख्यमंत्री की वीआईपी मूवमेंट योजना का अहम हिस्सा थीं। जैसे ही यह गाड़ियां रतलाम पहुंचीं और डीजल भरवाया गया। कुछ ही दूरी पर इनकी हालत बिगड़ने लगी। एक-एक करके सभी वाहन बंद हो गए, जिससे पूरे प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई।
प्रारंभिक जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि डीजल में पानी की मात्रा अत्यधिक थी। इससे वाहनों का इंजन खराब हो गया। इस घटना के सामने आते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पेट्रोल पंप पर तत्काल जांच शुरू की गई।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिला प्रशासन ने अन्य स्रोतों से तत्काल वैकल्पिक गाड़ियों की व्यवस्था शुरू कर दी। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के किसी भी सदस्य के दौरे पर कोई असर न पड़े और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो।
सीएम के काफिले जैसी संवेदनशील व्यवस्थाओं में इस तरह की चूक किसी बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकती थी। जिला प्रशासन के आला अधिकारी अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। साथ ही दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। जहां से गाड़ियों में पानी की मिलावट वाला डीजल डलवाया गया था। उस पेट्रोल पंप को सील कर दिया गया है।