नई दिल्ली. भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबलों की बात आते ही देशभर के क्रिकेट प्रेमियों की धड़कनें तेज़ हो जाती हैं। इन मुकाबलों की ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों के लिए भी बेहद खास होती है। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा भी इस रोमांच को बखूबी समझते हैं, क्योंकि वह कई ऐसे मुकाबलों का हिस्सा रहे हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 की यादें
जियो हॉटस्टार के कार्यक्रम ‘चैंपियंस वाली फीलिंग फिर से’ में बोलते हुए रोहित ने कहा कि टी20 विश्व कप 2024 में भारत-पाकिस्तान मुकाबले से पहले का माहौल एक उत्सव जैसा था। उन्होंने बताया कि मुकाबले से दो दिन पहले ही सुरक्षा कारणों से टीम को होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी और वहीं से माहौल बनने लगा था।
“होटल में इतनी भीड़ थी कि चलना भी मुश्किल था। फैन्स, मीडिया – हर कोई वहां मौजूद था। तब महसूस होता है कि यह कोई आम मैच नहीं है।”
मैच वाले दिन स्टेडियम तक का सफर भी एक जश्न जैसा रहा, जहां भारतीय और पाकिस्तानी प्रशंसक नाचते-गाते नजर आए। रोहित ने कहा,
“मैं भारत-पाकिस्तान के कई मैच खेल चुका हूं, लेकिन उस दिन की ऊर्जा, वो माहौल… उसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।”
कम स्कोर, लेकिन ज़ोरदार मुकाबला
इस रोमांचक मुकाबले में भारत ने 119 रन बनाए, जिसमें ऋषभ पंत की 42 रन की अहम पारी ने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। शुरुआती झटकों के बावजूद, पंत ने चुनौतीपूर्ण पिच पर छह चौकों की मदद से तेज़तर्रार पारी खेली। रोहित ने उनकी सराहना करते हुए कहा:
“हम चाहते थे कि ऋषभ अपना स्वाभाविक खेल खेले – आक्रामक, निडर और दबाव में भी बेखौफ। उन्होंने जो 42 रन बनाए, वह उस पिच पर 70 के बराबर थे।”
रोहित ने यह भी बताया कि टीम का लक्ष्य 200 रन का नहीं था, बल्कि 130-140 का स्कोर खड़ा करना ही काफी होता। उन्होंने माना कि 119 रन थोड़ा कम था, लेकिन गेंदबाजों पर पूरा भरोसा था।
बुमराह और अर्शदीप की गेंदबाज़ी ने पलटा मैच
मैच में गेंदबाज़ों ने बाज़ी पलटी। जसप्रीत बुमराह ने 14 रन देकर 3 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। वहीं अर्शदीप सिंह ने भी सधी हुई गेंदबाज़ी की। रोहित ने कहा:
“बुमराह को सही तरीके से इस्तेमाल करना होता है। वह विकेट भी लेते हैं और रन भी नहीं देते। वहीं अर्शदीप पिछले दो सालों में भारत के लिए सबसे ज्यादा टी20 विकेट लेने वाले गेंदबाज बन चुके हैं – वह बेहद चतुर खिलाड़ी हैं।”
रोहित ने बताया कि उनकी रणनीति यही थी कि बुमराह और अर्शदीप के ओवरों को स्थिति के अनुसार इस्तेमाल किया जाए और नए बल्लेबाजों को क्रीज पर लाकर दबाव बनाया जाए।