नई दिल्ली. भारत सरकार ने पासपोर्ट सेवा में बड़ा सुधार करते हुए ‘पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम 2.0’ की शुरुआत कर दी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ‘पासपोर्ट सेवा दिवस 2025’ के मौके पर इसकी घोषणा की। इस नई व्यवस्था का मकसद पासपोर्ट प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा तेज, सरल और तकनीकी रूप से आधुनिक बनाना है।
यह एक नया डिजिटल सिस्टम है, जो पासपोर्ट आवेदन और जारी करने की पूरी प्रक्रिया को हाईटेक बना देगा। इसमें अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा ताकि लोगों को तेजी से और पारदर्शी तरीके से सेवा मिल सके। यह सिस्टम देशभर में लागू कर दिया गया है और धीरे-धीरे विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों में भी लागू किया जा रहा है।
नए पासपोर्ट अब ई-पासपोर्ट होंगे, जिनमें एक इलेक्ट्रॉनिक चिप लगी होगी। इसमें आपके बायोमेट्रिक और व्यक्तिगत जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगी।
ई-पासपोर्ट के फायदे:
तेज इमिग्रेशन प्रक्रिया: एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन चेक अब पहले से कहीं ज्यादा तेज होगी क्योंकि चिप में दर्ज जानकारी बिना छुए (कॉन्टैक्टलेस) स्कैन हो जाएगी।
बेहतर यात्रा अनुभव: इससे विदेश यात्रा और भी सुविधाजनक और सुरक्षित हो जाएगी।
तेज पुलिस वेरिफिकेशन: ‘mPassport Police App’ के जरिए पुलिस वेरिफिकेशन प्रक्रिया में जबरदस्त तेजी आई है। जिन 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह ऐप लागू है, वहां सिर्फ 5 से 7 दिनों में वेरिफिकेशन पूरा हो रहा है।
पासपोर्ट सेवा अब आपके करीब: सरकार ने पिछड़े और ग्रामीण इलाकों तक पासपोर्ट सेवा पहुंचाने के लिए पिछले साल 10 नए ‘पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र’ (POPSK) खोले हैं। हाल ही में यूपी के कुशीनगर में 450वां POPSK शुरू किया गया है। साथ ही मोबाइल वैन के जरिए गांवों-कस्बों में भी पासपोर्ट बनवाने की सुविधा दी जा रही है।