बर्मिंघम में पहली जीत की तलाश में उतरेगा भारत

By: PalPal India News
July 1, 2025

बर्मिंघम। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 से पीछे चल रही भारतीय टीम बुधवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर पहली जीत की तलाश में उतरेगी। यह मैदान भारत के लिए अब तक एक अभेद्य किला साबित हुआ है। भारत ने यहां कुल 8 टेस्ट खेले हैं, लेकिन एक भी नहीं जीता — 7 में हार और 1 ड्रॉ रहा है। इनमें से तीन मुकाबलों में भारत को पारी से शिकस्त झेलनी पड़ी है। आइए डालते हैं एक नजर इस मैदान पर भारत के अब तक के प्रदर्शन पर:


1967: जब भारतीय टीम 100 के भीतर सिमटी

कप्तान मंसूर अली खान पटौदी की अगुवाई में भारत ने यहां आखिरी टेस्ट खेला था। सीरीज में पहले ही 0-2 से पिछड़ चुकी टीम इस मैच में भी बुरी तरह हार गई और सीरीज 0-3 से गंवा दी। यह लंबे इंग्लैंड दौरे का अंतिम टेस्ट था, जहां भारतीय बल्लेबाज पूरी तरह विफल रहे।


1974: डेविड लॉयड का दोहरा शतक बना भारत की हार का कारण

इस बार भी भारत 0-2 से पीछे था और बर्मिंघम पहुंचा। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारत ने केवल 165 रन बनाए। इसके बाद डेविड लॉयड ने नाबाद 214 रन ठोकते हुए इंग्लैंड को 459/2 तक पहुंचाया। दूसरी पारी में भी भारत 216 रन ही बना सका और मुकाबला पारी और 78 रनों से हार गया।


1979: एक और पारी की हार

चार टेस्ट की सीरीज का पहला मैच बर्मिंघम में खेला गया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए गॉवर (नाबाद 200) और बॉयकॉट (155) की पारियों की बदौलत 633/5 रन बनाए। भारत दोनों पारियों में 297 और 253 रन ही बना सका और पारी और 83 रनों से हार गया।


1986: पहली बार ड्रॉ हुआ मुकाबला

लगातार दो पारी की हार के बाद इस बार भारत ने मुकाबला ड्रॉ कराया। इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए माइक गैटिंग के नाबाद 183 रनों की बदौलत 390 रन बनाए। भारत ने मोहिंदर अमरनाथ और मोहम्मद अजहरुद्दीन के अर्धशतकों से बराबरी का स्कोर खड़ा किया। इंग्लैंड की दूसरी पारी को चेतन शर्मा ने छह विकेट लेकर 235 रनों पर समेटा। भारत ने पांच विकेट पर 174 रन बनाए और मैच ड्रॉ रहा। भारत यह सीरीज 2-0 से जीत चुका था — इंग्लैंड में यह उसकी दूसरी सीरीज जीत थी।


1996: सचिन का शतक भी नहीं बचा सका भारत को हार से

तेज़ पिच पर भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी चुनी लेकिन 214 रन ही बना सका। इंग्लैंड ने नासिर हुसैन (131) की पारी के दम पर 313 रन बनाए। दूसरी पारी में सचिन तेंदुलकर ने शानदार शतक (122) लगाया लेकिन अन्य बल्लेबाज़ साथ नहीं दे सके और टीम 219 पर सिमट गई। इंग्लैंड ने 121 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल किया।


2011: कोहली से पहले कुक का कहर

यह भारत की बर्मिंघम में तीसरी पारी से हार थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 224 रन बनाए। इंग्लैंड की ओर से एलिस्टेयर कुक ने 294 रनों की विशाल पारी खेली और टीम ने 710/7 रन बनाए। भारत की दूसरी पारी 244 पर सिमटी और इंग्लैंड ने मुकाबला पारी और 242 रनों से जीता।


2018: पहली बार मुकाबला बना रोमांचक

यह बर्मिंघम में भारत और इंग्लैंड के बीच पहला कड़ा मुकाबला था। इंग्लैंड ने पहली पारी में 287 रन बनाए। जवाब में कोहली के शतक की मदद से भारत 274 तक पहुंचा। इंग्लैंड की दूसरी पारी 180 पर सिमटी और भारत को 194 रनों का लक्ष्य मिला। कोहली ने अर्धशतक लगाया, लेकिन टीम 162 पर ढेर हो गई और 31 रनों से हार गई।


2022: जीत की कगार से फिसला भारत

कोविड के कारण दो हिस्सों में खेले गए इस दौरे में भारत बर्मिंघम पहुंचने तक 2-1 से आगे था। भारत ने पहली पारी में 416 रन बनाए और इंग्लैंड को 284 पर समेटा। दूसरी पारी में भारत ने 245 रन बनाए और इंग्लैंड को 378 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उसने रूट और बेयरस्टो के शतकों से हासिल कर लिया। भारत ने न सिर्फ़ मैच गंवाया, बल्कि सीरीज भी ड्रॉ पर समाप्त हुई।


क्या 2025 में बदलेगा इतिहास?

भारतीय टीम इस बार इस ऐतिहासिक मैदान पर जीत के सूखे को खत्म करने के इरादे से उतरेगी। अगर भारत यहां जीत दर्ज करता है तो न सिर्फ़ वह बर्मिंघम में पहली बार जीत हासिल करेगा, बल्कि मौजूदा सीरीज को भी 1-1 से बराबरी पर ला सकता है।

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