पलपल इंडिया प्रतिनिधि। मॉनसून का पीक नहीं आया है. इस बार 20 जून से अब तक हिमाचल में 15 से ज्यादा बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हो चुकी हैं. जिनमें 69 लोग जान गंवा चुके हैं, 37 अब भी लापता हैं और करीब 160 लोग घायल हैं. सूबे के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि करीब ₹700 करोड़ का नुकसान हुआ है।
साल 2025 में भी लगभग वही मंजर दोहराया जा रहा है, वो भी तब जबकि मॉनसून अभी शुरुआती दौर में है. मॉनसून का पीक नहीं आया है. इस बार 20 जून से अब तक हिमाचल में 15 से ज्यादा बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाएं हो चुकी हैं. जिनमें 69 लोग जान गंवा चुके हैं, 37 अब भी लापता हैं और करीब 160 लोग घायल हैं. 3 नेशनल हाइवे समेत 280 सड़कें बंद हैं, 650 ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े हैं, 800 से ज़्यादा पानी की योजनाएं ठप हैं, और कुल नुकसान का आंकड़ा अब तक 5000 करोड़ पार कर चुका है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बरसात शुरू होने के बाद से सड़कों, पानी की परियोजनाओं, बिजली की तारों और खंभों को भारी नुकसान हुआ है। बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।’
मुख्यमंत्री ने बताया, ‘आज गृह मंत्री से मेरी बात हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमें पूरी मदद देगी। नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम भी आज हिमाचल पहुंच रही है।’ मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में 14 जगहों पर बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।
मॉनसून ने 20 जून को राज्य में दस्तक दी थी और तब से अब तक मौसम की मार से 5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है. अधिकारियों ने 14 लोगों की मौत बादल फटने, आठ लोगों की मौत अचानक बाढ़ में बह जाने और एक व्यक्ति की मौत भूस्खलन में हुई जबकि सात लोग डूब गए. उन्होंने बताया कि सबसे अधिक मौतें, मंडी (17) जिले में हुईं, जहां मंगलवार को बादल फटने, अचानक बाढ़ आने और भूस्खलन की दस घटनाओं ने कहर बरपाया. अधिकारियों ने बताया कि अकेले मंडी जिले से लापता 31 लोगों की तलाश अब भी जारी है.