‘डिलीवरी की डेट बताएं, एक हफ्ते पहले हम उठवा लेंगे’, गर्भवती महिला के विडियो पर बोले सीधी सांसद

By: PalPal India News
July 12, 2025

पलपल इंडिया प्रतिनिधिमध्यप्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के खड्डी खुर्द गांव में सड़क निर्माण की मांग अब केवल विकास का मुद्दा नहीं, बल्कि जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन गई है। इस गांव की निवासी लीला साहू पिछले एक साल से अधिक समय से पक्की सड़क के लिए संघर्ष कर रही हैं। नौ महीने की गर्भवती होने के बावजूद, उन्होंने प्रशासन और नेताओं को बार-बार चेताया भी है। लेकिन जब सीधी के बीजेपी सांसद राजेश मिश्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वो डिलिवरी की डेट बताएं, हम उन्हें उठवा कर अस्पताल में शिफ्ट करा देंगे।

राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना लीला का आंदोलन

खड्डी खुर्द गांव की सड़कें बरसात में दलदल में तब्दील हो जाती हैं। न तो कोई वाहन वहां तक पहुंच पाता है, न ही एम्बुलेंस जैसी आपात सेवाएं। गांव में कुल आठ गर्भवती महिलाएं हैं, जो प्रसव की कगार पर हैं और हर एक की जान खतरे में है। सड़क की मांग को लेकर लीला साहू ने पहले 2024 में एक वीडियो के माध्यम से आवाज उठाई थी, जिसमें उन्होंने स्थानीय नेताओं पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था। वीडियो में उन्होंने सवाल उठाया, “हमने 29 सीटें दिलाईं, अब हमारी सड़क तो बनवा दीजिए।” यह वीडियो देशभर में वायरल हुआ और लीला का आंदोलन राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।

आम जनता ने लीला के साहस को किया सलाम

लीला साहू की वीडियो अपील और संघर्ष की कहानी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुई। 2025 में उन्होंने एक और वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “जो नेता सड़क नहीं बनवा सकते, उन्हें डूबकर मर जाना चाहिए।” इस बयान ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया। विरोधियों ने इसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन आम जनता ने लीला के साहस को सलाम किया।

सांसद राजेश मिश्रा ने क्या बयान दिया?

लीला साहू के वायरल वीडियो के दोबारा सोशल मीडिया पर सामने आ जाने के बाद क्षेत्रीय सांसद राजेश मिश्रा के बयान ने विवाद खड़ा कर दिया उन्होंने इसे कांग्रेस की साजिश बताते हुए कहा “”अब रही डिलीवरी की बात तो मैं यह जानना चाहता हूं कि गांव में बहुत सारी महिलाएं होंगी जिनकी डिलीवरी भी हुई होगी। आज तक कितनी महिलाएं होंगी कितनी डिलीवरी हुई होगी आज तक कोई ऐसी घटना हुई क्या। आज मोहन यादव की सरकारी जरूरत पड़े तो हेलीकॉप्टर से भी और हवाई जहाज से भी ले जाते हो ट्रीटमेंट करते हैं। ऐसी स्थिति में हमारे पास एंबुलेंस से हमारे पास सुविधाएं हैं आशा कार्यकर्ता है हम व्यवस्था करेंगे उसमें चिंता की क्या बात है अस्पताल में भर्ती हो जाओ अगर ऐसी कोई बात है तो। डिलीवरी की एक्सपेक्टेड डेट होती है, उससे एक हफ्ते पहले हम उठवा  लेंगे उनकी इच्छा है तो यहां आकर भर्ती हो जाए। हम सब सुविधा देंगे हमारी सरकार भोजन भी देती है सब कुछ करवाती है। किसी को अगर सोशल मीडिया में जाना है तो यह तो हर गांव में होगा।

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