पलपल इंडिया प्रतिनिधि। सावन मास में पं. प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा से एक दिन पहले कुबेरेश्वर धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार को रुद्राक्ष वितरण के दौरान अफरा-तफरी मच गई, जिसमें दो महिलाओं की दबकर मौत हो गई जबकि करीब 10 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।रुद्राक्ष वितरण के दौरान अचानक व्यवस्था बिगड़ने से भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस और प्रशासन की तमाम तैयारियों के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका।
घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दो महिलाओं को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की उम्र लगभग 50 वर्ष बताई गई है, हालांकि उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि देशभर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, सूरत और बेंगलुरु जैसे शहरों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु सीहोर पहुंचे हैं। शहर की सभी धर्मशालाएं, होटल और लॉज पहले ही फुल हो चुके थे। भारी भीड़ के कारण धाम पर ठहरने, भंडारे और दर्शन की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं।
प्रशासन ने 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती और चाक-चौबंद इंतजामों का दावा किया था, जिनमें 4 डीएसपी, 7 टीआई और 30 सब-इंस्पेक्टर शामिल थे। बावजूद इसके, हादसे के समय न तो भीड़ नियंत्रण किया जा सका और न ही मेडिकल टीमें समय पर पहुंच पाईं। एक दिन पहले ही अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह और एसडीएम तन्नय वर्मा ने धाम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। लेकिन हादसे ने इन तैयारियों की पोल खोल दी।
घटना पर एएसपी सुनीता रावत ने बताया कि यह भगदड़ नहीं थी, बल्कि रुद्राक्ष वितरण रुकने के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ में धक्का-मुक्की हुई, जिससे दो महिलाओं की मौत हुई और कुछ अन्य घायल हुए हैं। घटना के बाद श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।