पलपल इंडिया प्रतिनिधि। किसी की जिंदगी बचाने शहर में एक बार फिर आज दो बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। यह ग्रीन कॉरिडोर जबलपुर डुमना एयरपोर्ट से लेकर मेडिकल कॉलेज तक बनाया गया। पहला ग्रीन कॉरिडोर सुबह 10.30 बजे डूबना एयरपोर्ट से डॉक्टर को ले जाने के लिए मेडिकल कॉलेज तक बनाया गया। वहीं मेडिकल कॉलेज से डोनेट आर्गन को अहमदाबाद भेजने के लिए फिर से एक बार मेडिकल कॉलेज से डुमना एयरपोर्ट तक का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। करीब 23 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था जिससे बिना अवरोध के अंग जल्दी से जल्दी मरीज तक पहुंच सके।
जबलपुर के सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज में एक दर्दनाक हादसे में घायल 31 वर्षीय सत्येंद्र यादव को कल रात ब्रेन डेड घोषित किया गया था। सत्येंद्र यादव गैस सिलेंडर सप्लाई करता था। 5 अगस्त को भी गैस सिलेंडर सप्लाई कर रहा था इसी दौरान उसका एक्सीडेंट हो गया जिसे गंभीर हालत में 5 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां पर कल डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेथ घोषित कर दिया।
सत्येंद्र को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद परिवार वालों ने निर्णय लिया कि क्यों ना उनके अंग दान किया जाए, जिससे उसका दिल किसी और के शरीर में धड़कता रहे। परिजनों की सहमति पर डॉक्टर ने सत्येंद्र के लीवर और किडनी निकालने पर सहमत हुए। यही वजह है कि सत्येंद्र का लीवर और किडनी पहुंचाने जबलपुर में आज दो बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया।
सत्येंद्र के परिवार ने उनके ऑर्गन्स दान करने का निर्णय लिया है, जिससे दो लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। उनका लीवर भोपाल और हार्ट अहमदाबाद ले जाया जा गया इस पहल को अमलीजामा पहनाने के लिए आज करीब 11.30 बजे एक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। ऑर्गन्स दान एक ऐसा कदम, जो मानवता की सच्ची भावना को दर्शाता है। परिवार का यह निर्णय लाखों लोगों के लिए प्रेरणा बन सकता है।