पलपल इंडिया प्रतिनिधि। रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर 14 वर्षीय बहन ने अपने पांच वर्षीय भाई को जीवनरक्षक स्टेमसेल का उपहार दिया है। दो साल की उम्र में उसका भाई सिकल सेल (अनुवांशिक रक्त विकार) जैसी घातक बीमारी की चपेट में आ गया था। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों ने नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा निवासी किशोरी का स्टेम सेल लेकर बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से मासूम को नई जिंदगी दी है। आपको बता दे यहाँ पूरा इलाज आयुष्मान योजना से निशुल्क किया गया।
बीएमटी यूनिट की प्रभारी डॉ. श्वेता पाठक ने बताया कि रोहन (परिवर्तित नाम) को दो वर्ष की उम्र में सिकल सेल की बीमारी की पुष्टि हुई थी और वह नियमित रूप से खून चढ़वाने के लिए अस्पताल में उपचाररत था। संस्थान में सुविधा प्रारंभ होते ही उसके बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया शुरू की गई। रोहन के बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए उसकी बहन से स्टेम सेल मैचिंग की गई और एफेरेसिस तकनीक के माध्यम से स्टेम सेल प्राप्त कर ट्रांसप्लांट किया गया।
ट्रांसप्लांट में कालेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना के नेतृत्व में चिकित्सकों ने टीम वर्क से कार्य किया। इसमें अधीक्षक डॉ. अरविंद शर्मा, उप अधीक्षक डॉ. ऋचा शर्मा, डॉ. लक्ष्मी सिंगौतिया सुपरिटेंडेंट, कैंसर अस्पताल, डॉ. मोनिका लाजरस (एचओडी पीडियाट्रिक्स) सहित नर्सिंग स्टाफ से पूनम, एलिजाबेथ, रिंकी का विशेष सहयोग रहा।