“पराली जलाने के हानिकारक प्रभावों की सूचना लेकर किसानों ने उचित कदम उठाया है: सफलता की कहानी”

By: PalPal India News
November 9, 2023

palpalidianews/jabalpur

“मैं जब छह साल की थी तो मुझे सांस संबंधी बीमारी थी। धान की कटाई के बाद पराली जलाए जाने से समस्या बढ़ जाती थी। मेरे पिता के पास 20 एकड़ जमीन है और वह 25 एकड़ जमीन किराए पर लेकर खेती करते हैं। उन्होंने मेरी परेशानी को देखते हुए पराली जलाना बंद कर दिया।”

मैं जैसे-जैसे बड़ी हुई, मुझे पराली जलाने के नुकसान समझ आने लगे। मैंने कृषि विज्ञान में ग्रैजुएशन किया। मैंने बीज बोने वाली मशीन का इस्तेमाल करना शुरू किया और खुद ट्रैक्टर चलाना भी सीखा। अब मैं ही खेत की जुताई करती हूं।”
– अमनदीप कौर

पंजाब के संगरूर जिले की निवासी अमनदीप कौर ने खुद तो पराली जलाना बंद किया ही है, उनसे प्रेरित होकर अन्य किसानों ने भी यह कदम उठाया। इससे किसानों को खाद की जरूरत कम पड़ रही है और मिट्टी की सेहत भी सुधर रही है।

खेत में फसल के अवशेषों के निपटारे के लिए अमनदीप के पिता अब बीज बोने वाली मशीन का उपयोग करते हैं।

पराली ना जलाने से खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ गई है और अब उनके खेतों में 60 से 70% कम खाद का इस्तेमाल होता है। अमनदीप की सफलता देखकर गांव के और भी लोगों को हौसला मिला है और उन्होंने भी पराली जलाना बंद कर दिया है। इससे गांव के लोगों को भी काफी फायदा हुआ है और उन्हें बेहतर उत्पादन भी मिल रहा है।

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