जबलपुर के किसानों को अच्छा खासा खामियाज़ा भुगतना पड़ रहा है । मटर की अच्छी खासी फसल बेकार हो गई है ।
किसानों का कहना है कि मज़दूर न मिलने से उनकी फसल नुकसान हो गई है ।
वजह यह है कि विधानसभा चुनाव के कारण मजदूर अपने-अपने गांव चले गए, जिस वजह से मटर की फसल तोड़ने के लिए किसानों को मजदूर नहीं मिलें, लिहाजा खेत में लगी-लगी खड़ी फसल टूट नहीं पाई और सूख गई। जिसके कारण किसानों को खासा नुकसान हुआ है। जैसे-तैसे किसानों ने किसी तरह खेत से मटर तोड़ा और मंडी लेकर आए पर वहां भी किसानों को रेट नहीं मिला। ऐसे में अब किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहें है। शुरुआती सीजन में जिस मटर का रेट किसानों को 40 से 50 रुपए प्रति किलो मिलता था। मंडी में आज उस मटर की कीमत 12 से 22 रुपए प्रति किलो थोक में किसानों को मिल रहीं है। जबकि यही मटर फुटकर बाजार 50 से 60 रुपए प्रति किलो मिल रहा है। किसानों का कहना है कि एक तो विधानसभा चुनाव दूसरा बेमौसम बरसात ने उनकी फसल बर्बाद कर दी है।