palpalindia/भोपाल. लोकसभा और राज्यसभा से 146 सांसदों के निलंबन के विरोध में भोपाल में कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन किया. रोशनपुरा चौराहा पर इस प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, बीजेपी ने चुनाव में शिवराज का चेहरा दिखाया और परिणाम के बाद सीएम बदल दिया. तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के चयन की प्रक्रिया को देखें. क्या विधायकों को अपनी पसंद का मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार नहीं है. शिवराज ने अपने वादे और विचार प्रदेश की जनता को बताए और उन्हें ही किनारे कर दिया गया.
जीतू पटवारी ने कहा, विधानसभा और लोकसभा लोकतंत्र के मंदिर हैं. इसमें जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल होते हैं. भाजपा ने इस ताकत को चकनाचूर किया है. इस एहसास को मैं जी सकता हूं. पिछले सत्र में मुझे जिस तरह से निलंबित किया गया, वह एक उदाहरण है. ये तानाशाही है.
सांसदों को केंद्र सरकार के इशारे पर निलंबित किया
भोपाल में प्रदर्शन में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव भी मौजूद रहे. कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार की नीतियों और सांसदों के निलंबन का विरोध किया. इंदौर में रीगल चौराहा पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. कांग्रेस का कहना है कि केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर 146 सांसदों का निलंबन किया गया है. लोकतंत्र की इस तरह की जा रही हत्या के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया. इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव और पार्टी के पदाधिकारी भी पहुंचे थे.
जीतू पटवारी ने ईवीएम पर उठाए सवाल
पटवारी ने कहा, ईवीएम की वर्किंग पर सवाल उठ रहे हैं. लोकतंत्र में ईवीएम को लेकर कई लोगों ने कोर्ट में कई केस लगाए हैं. चुनाव परिणाम आने पर लोगों का विश्वास कम होने लगता है. यह सवाल भी उठ रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता में आने के बाद 500 से ज्यादा सांसद सस्पेंड हुए हैं. पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेकर कहा, सीएम यादव ने संकल्प पत्र को गीता रामायण कहा है. उन्हें पता होना चाहिए कि पिछला संकल्प पत्र आधा भी पूरा नहीं हुआ है तो उनकी बात का कैसे भरोसा किया जाए.