पलपल संवाददाता, जबलपुर. एमपी के जबलपुर में धान खरीदी फर्जीवाड़ा मामले में आज कलेक्टर दीपक सक्सेना ने आज सिहोरा के तत्कालीन एसडीएम व प्रभारी तहसीलदार को आरोप पत्र जारी किए है. वहीं मझौली के दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. कलेक्टर दीपक सक्सेना ने स्पष्ट कहा है कि धान खरीदी मामले में जिन प्रशासनिक अधिकारियों ने लापरवाही बरती है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी.
बताया जाता है कि धान खरीदी की शुरुआत होने पर वेयर हाउस संचालकों ने अधिकारियों के साथ मिलीभगत करते हुए हजारों क्विंटल धान खरीदकर स्टाक कर लिया. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब उपार्जन केन्द्रों से किसानों को धान खरीदी की पर्चियां नहीं मिली. मामले की शिकायत भोपाल तक पहुंची तो वहां से अधिकारियों की एक टीम जांच के लिए जबलपुर पहुंच गई.
जिन्होने जांच रिपोर्ट सरकार को भेजी तो सबसे पहले जिला जिला आपूर्ति अधिकारी कमलेश टांड़ेकर व जिला विपणन अधिकारी रोहित बघेल को सस्पेंड कर दिया गया. फिर वेयर हाउस कार्पोरेशन के रीजनल मैनेजर डीके हवलदार, सिहोरा ब्रांच मैनेजर वीके पाठक, पाटन ब्रांच मैनेजर आनंद पांडे, शहपुरा ब्रांच मैनेजर रितिक सिनोठिया व रिछाई ब्रांच मैनेजर एसके उपाध्याय को सस्पेंड किया गया. मामले में कलेक्टर दीपक सक्सेना ने पंजीयन में गंभीर लापरवाही बरतने पर तत्कालीन एसडीएम धीरेंद्र सिंह एवं मझौली के प्रभारी तहसीलदार आदित्य जंघेला को आरोप पत्र जारी किया है. इसके अलावा पटवारी राहुल पटेल और अभिषेक कुमार विश्वकर्मा को सस्पेंड किया है.