देर रात तक चली मुठभेड़,मंगलवार को इलाज के दौरान हुए वीरगति को प्राप्त
जम्मू संभाग के जिला डोडा के देसा वन क्षेत्र में सोमवार को आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई। देर रात तक चली मुठभेड़ में सेना के अधिकारी और जवान घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान मंगलवार को सुबह कैप्टन, सेना के तीन जवान वीर गति को प्राप्त हो गए। पहले ही कठुआ में पांच सैनिकों के बलिदान के गम से देश अभी उभरा नहीं था कि आतंकियों ने पांच और बहादुर सैनिकों की जिंदगी छीन ली। अधिकारीयों के मुताबिक इस्लामी आतंकी भाग रहे थे,जिनका सेना के जवानों ने घने जंगलों तक किया पीछा। लेकिन डोडा ऊंचे पहांड़ और जंगल से घिरा हुआ है। मानसून में मौसम भी धुंध से घिरा रहता है। इसी का फायेदा उठा कर आतंकी भागने में सफल हो गए।
रात लगभग 9 बजे आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई।
अधिकारियों ने बताया कि डोडा में मुठभेड़ तब शुरू हुई जब राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) के जवानों ने शाम करीब 7.45 बजे देसा वन क्षेत्र के धारी गोटे उरारबागी में संयुक्त घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। सेना की ह्वाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर सेना और पुलिस की ओर से डोडा के उत्तर में सामान्य क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान जारी था। रात लगभग 9 बजे आतंकियों से संपर्क स्थापित हुआ, जिसके बाद भारी गोलीबारी हुई। जिसमें डोडा में चार जवान और एक अधिकारी शहीद हो गए हैं। देह्शात्गार्दों की तलाश अभी भी जारी है फिर से कोई ऐसी घटना न घट पाए इसलिए अधिकारीयों द्वारा बैठक भी आयोजित की गई।