पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने 14 वर्षीय नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता बालिका को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है। न्यायमूर्ति गुरपाल सिंह अहलूवालिया की एकलपीठ ने सभी सुरक्षा उपायों और विशेषज्ञों की निगरानी में नाबालिग के गर्भपात के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा है कि मेडिकल बोर्ड निर्धारित करे कि किशोरी का गर्भपात कब करना है। इसके साथ ही गर्भपात मेडिकल कालेज के डीन की उपस्थिति में डाक्टरों की विशेष टीम गठित करे, सारे मेडिकल सुरक्षा उपाय का ध्यान रखा जाए। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भ्रूण के एक टुकड़े को डीएनए टेस्ट के लिए सुरक्षित रखने के लिए भी कहा है। गर्भपात के दौरान जोखिम के संबंध में परिवार को जानकारी देने ला निर्देश भी दिया है।
आपको बता दे की ये मामला सीधी अंतर्गत चुरहट निवासी नाबालिग की ओर से एक याचिका दायर की गई थी। जिसमे मेडिकल बोर्ड की ओर से बताया गया कि पीडि़ता की गर्भावस्था 27 सप्ताह की है। शिशु को जन्म देने व गर्भपात से पीड़िता को जान का जोखिम है। इसके बावजूद उसके माता-पिता गर्भपात चाहते हैं। उनका तर्क है कि पीड़िता की मानसिक व शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह बच्चे को जन्म दे सके और लालन पालन कर सके। एक दुष्कर्मी के बच्चे को जन्म देने किशोरी के लिए मानसिक आघात है।हाई कोर्ट ने सुनवाई करते हुए शासकीय संजय गांधी मेडिकल कालेज, रीवा के मेडिकल बोर्ड को पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कर गर्भपात के संबंध में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे।