पलपल इंडिया प्रतिनिधि,भोपाल। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में आयुष विभाग की समीक्षा बैठक की। जहाँ उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद आयुर्वेद का महत्व बढ़ गया है। आयुर्वेद दवाओं के उपचार से लोग सवस्थ रहने के साथ निरोग रहते है इसलिए विभाग में पैरा मेडिकल के पाठ्यक्रम बढ़ाए जाएं। इससे लोगों को उपचार मिलेगा और रोजगार के अवसर अधिक होंगे। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा नर्मदापुरम, बालाघाट, शुजालपुर, सागर और डिंडोरी में नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। इसके आलावा उज्जैन में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान प्रारंभ करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भी भेजा गया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ये भी कहा कि खजुराहो में योग संस्थान की स्थापना के लिए केंद्र सरकार से निरंतर संपर्क में रहें। बैठक में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार भी उपस्थित थे। यहां अधिकारियों ने बताया कि पीएससी से चयनित 543 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। पं खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज भोपाल के सुदृढ़ीकरण के लिए 1999.86 लाख के निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए हैं। यूनानी महाविद्यालय, भोपाल में 180 बिस्तरीय बालिका हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है। पिछले साल OPD/IPD में एक करोड़ 37 लाख मरीजों का इलाज और 2500 रोगियों की सर्जरी की गई। वहीं, योगा वैलनेस केंद्र में नौ हजार 600 सत्रों का आयोजन किया गया।