पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। हाल ही में फिल्म एक्ट्रेस करीना कपूर ने प्रेगनेंसी बाइबल नाम की एक किताब लिखी थी। इस किताब पर मध्य प्रदेश में ईसाई समुदाय के लोगों ने आपत्ति जताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की । जिसमें उनका कहना है कि इस किताब का नाम धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है। ईसाई समुदाय के लोगों ने किताब लिखने वाली एक्ट्रेस और इसे प्रकाशित करने वाले सहित अन्य पर एफआईआर दर्ज होने की बात कही थी । क्रिश्चयन समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर एफआईआर दर्ज करने संबंधी याचिका क्रिस्टोफर एंथोनी द्वारा दायर की गयी थी। अधिवक्ता क्रिस्टोफर एंथोनी ने याचिका दायर कर दलील दी कि करीना कपूर खान ने अपनी प्रेग्नेंसी के अनुभव को साझा करने यह किताब प्रकाशित की थी। किताब के नाम में बाइबल जोड़ने से ईसाई धर्म के लोगो को पीड़ा हुई और उनकी भावनाएं आहत हुई। याचिकाकर्ता ने करीना कपूर खान और प्रकाशन पर इंडियन पीनल कोड की धारा 292, 295, 295-ए आदि के तहत अश्लील पुस्तक का विक्रय एवं क्रिश्चयन समाज के धार्मिक विश्वासों को अपमान पहुंचाने के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग रखी है।
अधिवक्ता क्रिस्टोफर एंथोनी के द्वारा किताब का शीर्षक ईसाई धर्म के मानने वाले अनुयाईयों के पवित्र धार्मिक ग्रंथ बाइबल से लिया गया है। जिस कारण ईसाई समाज के लोगो में गुस्सा है और इसलिए ज्ञापन व विरोध प्रदर्शन किया गया था। बाइबल ईसाई धर्म का धार्मिक ग्रंथ है एवं प्रभु की शिक्षा एवं दृष्टांतों का वर्णन इस पवित्र पुस्तक में है। याचिका में मांग की गई है कि करीना कपूर खान और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
करीना कपूर खान और किताब के प्रकाशक को कोर्ट द्वारा पिछली सुनवाई के दौरान अनिवार्य रूप से अगली सुनवाई तक जवाब पेश करने की हिदायत दी गई थी। करीना कपूर खान की ओर से अधिवक्ता दिव्य कृष्ण बिलैया एवं निखिल भट्ट द्वारा जवाब पेश किया गया और याचिका पर आपत्ति दर्ज करवाई।