पलपल इंडिया प्रतिनिधि। कंगना रनौत अपनी फिल्म ‘इमरजेंसी’ को लेकर काफी चर्चा में हैं. फिल्म का ट्रेलर आते ही फिल्म पर विवाद भी शुरू हो गया. इस फिल्म में कंगना को भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के रोल में दिखाया गया है. एक्ट्रेस इस फिल्म का प्रमोशन करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहीं. पर जैसे-जैसे ‘इमरजेंसी’ की रिलीज डेट करीब आ रही है फिल्म को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है.
वैसे तो कंगना की इस फिल्म का विरोध हर तरफ किया जा रहा है पर शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई ने भी कंगना की ‘इमरजेंसी’ के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है. इस इकाई के प्रेसिडेंट ने फिल्म को लेकर सेंसर बोर्ड और कंगना के प्रोडक्शन हाउस को नोटिस भेजा था. इस नोटिस में कहा गया था कि कंगना रनौत ‘सिख विरोधी रेटोरिक के लिए कुख्यात हैं’ और उन्होंने ‘सिख ‘सिख समुदाय को निशाना बनाने के लिए इमरजेंसी का सब्जेक्ट चुना है.’ इसी के साथ फिल्म की सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की गई थी.
कंगना रनौत ने इस विवादों के बाद एक नया वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि सीबीएफसी से उनकी फिल्म क्लियर होने के बाद भी सर्टिफिकेट देने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है जबकि इससे पहले शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई ने फिल्म का सर्टिफिकेट रद्द करने की मांग की थी. कंगना ने कहा, ‘कई तरह की अफवाहें उड़ रही हैं कि हमारी फिल्म इमरजेंसी को सेंसर सर्टिफिकेट मिल गया है. पर ये सच नहीं है. असल में हमारी फिल्म क्लियर हो गई थी लेकिन उसका सर्टिफिकेट रोक लिया गया है क्योंकि बहुत ज्यादा धमकियां आ रही हैं जान से मारने की हमें और सेंसर वालों को उन्होंने आगे कहा, ‘तो हमारे ऊपर ये प्रेशर हैं कि मिसेज गांधी की हत्या को न दिखाएं. भिंडरावाले को भी न दिखाएं. पंजाब का दंगा न दिखाएं. मुझे नहीं पता कि फिर क्या दिखाएं कि फिल्म अचानक से ब्लैक आउट हो जाती है.