पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। 10 साल से जबलपुर में ऐलोपैथी पद्धति से इलाज कर रहे डॉक्टर के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है। इस डॉक्टर के पास ऐलोपैथी की डिग्री ही नहीं है। इस दौरान डॉक्टर 3 हजार लोगों का इलाज कर चुका है। पुलिस का कहना है कि 1998 में डॉक्टर ने भोपाल के एक निजी होम्योपैथी कॉलेज से डिग्री ली है। डिग्री असली है या फर्जी उसकी भी जांच करा रहे हैं। इस मामले का खुलासा एक मरीज की मौत के बाद परिजन द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई जांच में हुआ है। पुलिस ने डॉक्टर फूलचंद विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, 19 मई को जबलपुर के कांच घर के द्वारका नगर में रहने वाले मनोहर तोतलानी को कमर में बाल तोड़ होने के कारण बहुत तेज दर्ज हुआ। परिजन वाले उनका पहले कई जगह इलाज करा चुके थे। पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि चुंगी चौकी के पास डॉक्टर फूलचंद विश्वकर्मा की तारीफ करते हुए उन्हें दिखाने की सलाह दी थी। दोपहर करीब 2 बज रहे थे। परिजन उन्हें इलाज के लिए घर के नजदीक के ही क्लीनिक लेकर पहुंचे। मनोहर की चेकअप करने के बाद डॉक्टर ने उन्हें एक के बाद एक तीन इंजेक्शन दिए।थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने परिजन से कहा कि अब मनोहर की तबीयत ठीक है। दो हजार रुपए जमा कर उन्हें घर ले जाओ। घर ले जाने के बाद मरीज की मौत हो गई थी डॉ. फूलचंद विश्वकर्मा बीते 10 साल से जबलपुर के चुंगी चौकी के पास क्लीनिक है। वे काफी कम दाम में इलाज करने के लिए भी जाने जाते हैं। इस वजह से उनके क्लीनिक पर हमेशा मरीजों की भीड़ रहती है।
मनोहर तोतलानी की 19 मई को इलाज के दौरान हुई मौत के बाद के उनके परिजनों ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर संजय मिश्रा को 21 मई को लिखित में शिकायत की थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि कैसे उनके परिजन को डॉक्टर ने एक के बाद एक तीन इंजेक्शन लगाए और उनकी मौत हो गई। उनके पास होम्योपैथिक डिग्री है। इलाज एलोपैथी में करते हैं।
19 मई से गायब डॉक्टर को तलाश करने के लिए कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम लगातार उसे तलाश कर रही थी। इस दौरान थाना प्रभारी घमापुर को सूचना मिली की फरार फर्जी डाक्टर अपने परिवार वालों से मिलने के लिए रविवार की रात घर पहुंचा और कुछ ही देर बाद मुंबई जाने की फिराक में है। थाना प्रभारी सतीश अंधवान ने अपनी टीम के साथ डॉक्टर के घर चुंगी चौकी के पास घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार किया।
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