पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। दिल्ली पब्लिक स्कूल गौर में सातवीं क्लास में पढ़ने वाले छात्र को हॉस्टल के वार्डन ने इस कदर बेरहमी से मारा की बच्चे के चेहरे में लाल निशान पड़ गए। इतना ही नहीं बच्चों के एक कान से सुनाई देना भी बंद हो गया है। वार्डन ने बच्चे के पीठ में भी मारा है, जिसके निशान तीन बाद तक उसके शरीर में है। बच्चे ने मंगलवार रात फोन पर अपने माता-पिता को जैसे ही जानकारी दी तो बुधवार को रीवा से परिजन जबलपुर पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। परिजनों का आरोप है कि सोमवार को ये घटना हुई, जिसे कि स्कूल प्रबंधन ने दबा दिया।
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और वार्डन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है बताया जाता है कि स्कूल में में पढ़ने वाले छात्र की एक सप्ताह पहले साथ में ही पढ़ने वाले छात्र से लड़ाई हुई थी। शिकायत वार्डन मुकेश शर्मा तक पहुंची तो उन्होंने छात्र को हॉस्टल में ही 100 बार उठक-बैठक करने की सजा दें दी। छात्र ने भी पनिशमेंट पूरा किया, इसके बाद मामला शांत हो गया। 12 साल के छात्र को 100 उठक बैठक की सजा दी गई, जानकारी जब प्रिन्सिपल को लगी तो उन्होंने वार्डन को डांटा जो कि मुकेश शर्मा को नागवार गुजरी।
बुधवार को रीवा से छात्र के माता-पिता दिल्ली पब्लिक स्कूल पहुंचे जहां उन्होंने वार्डन के खिलाफ गौर पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। छात्र के पिता ने आरोप लगाया कि बच्चे के साथ मारपीट करने वाले वार्डन मुकेश शर्मा को स्कूल से भगा दिया है। पुलिस ने बच्चे और उसके माता-पिता की शिकायत पर वार्डन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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