पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। क्रूर अंग्रेज देश में क्रांति दिल में देश भक्ति चहरे में शांति और एक मुस्कराहट ले कर हस्ते हस्ते फांसी के फंदे को चूम कर उन्होंने खुद ही फंदा पहना था, उनकी जिंदगी का यह आखरी पल आपके रोंटे खड़े कर देगा. देश के वीर भगत सिंह आज भी लोगो के दिल में धडकते है आज भी शहीद ए आजम भगत सिंह का व्यक्तित्व और उनके विचार हर भारतीयों देशभक्ति से भर देते है । भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे महान युवा योद्धा और राष्ट्रीय नायकों में से एक है शहीद भगत सिंह की आज 117वीं जयंती है। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को लाहौर (पाकिस्तान) में हुआ था। भगत सिंह ने देशभक्त की एक ऐसी मिसाल कायम की, जिसका उदाहरण आज भी लोग देते हैं। देश की आजादी की लड़ाई में अपना अहम योगदान देने वाले भगत सिंह ने 24 साल की छोटी से उम्र में शहादत को गले लगा लिया था।
भगत सिंह का नाम भारत के इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में लिखा हुआ है। एक ऐसा युवा योद्धा जिसने हसते हसते मात्रभूमि पर अपनी जान कुर्बान कर दी। भगत सिंह की जन्म तिथि को भारत भर में गर्व से याद किया जाता है। भगत सिंह ने अपने बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देश के इस वीर सपूत ने आजादी की जो अलख जगाई थी वह आज भी उनके विचारों के जरिए लोगों में दिलों में जिंदा है। आइए जानते है भगत सिंह के क्रांतिकारी विचार-