आज है मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म दिवस, जाने आज ही क्यूँ मनाया जाता है वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे

By: PalPal India News
October 15, 2024

पलपल इंडिया प्रतिनिधि। आज वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे है, यह दिन पूरी दुनिया बड़े ही जोश के साथ मनाती है। हर साल किसी विशेस उद्देश्य के साथ इस दिन को मनाया जाता है इस साल 2024 में इसका उद्देश्य ‘छात्रों के भविष्य के लिए समग्र शिक्षा’ प्रदान करना है। जिसमें बच्चों के एजुकेशन को सिर्फ एकेडेमिक उपलब्धियों तक ही न रख, छात्रों के समग्र विकास पर जोर देना है, वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे साल 2010 से मनाया जाना शुरू किया गया था। इस दिन को भारत के पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जंयती के दिन मनाया जाता है। बताया जाता है की कलाम साहब बच्चों से बेहद प्यार करते थे। अब्दुल कलाम ने एजुकेशन सेक्टर में कई सराहनीय प्रयास किए हैं, जो छात्र जीवन केलिए प्रेरणास्त्रोत हैं। डॉ. एपी जे कलाम को लोग पीपुल्स प्रेसिडेंट के रूप में भी याद किया जाता है। अब्दुल कलाम ने एजुकेशन सेक्टर में कई सराहनीय प्रयास किए हैं, जो छात्र जीवन केलिए प्रेरणास्त्रोत हैं। डॉ. एपी जे कलाम को लोग पीपुल्स प्रेसिडेंट के रूप में भी याद किया जाता है। एपी जे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। 18 जुलाई 2002 को इन्हें देश का 11वां राष्ट्रपति चुना गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका जीवन सभी भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्थायी स्रोत है।पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, प्रसिद्ध वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी जयंती पर सादर श्रद्धांजलि। उनकी दूरदृष्टि और विचार विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में बहुत योगदान देंगे।

जानते है कब से हुई यह दिन मनाने की शुरुआत?

UN की ओर से पहली बार साल 2010 में भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की 79वीं जयंती को वर्ल्ड स्टूडेंट्स डे के रूप में मनाए जाने की घोषणा की गई। इसके बाद से अब तक हर साल यह दिन विश्व छात्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की महत्वपूर्ण भूमिका, उनकी उपलब्धियां और स्टूडेंट्स को दी गई प्रेरणा को याद किया जाता है। कलाम ने अपना पूरा जीवन एजुकेशन और स्टूडेंट के भलाई के लिए समर्पित कर दिया। टीचर किसी भी सोसाइटी के निमार्ण के लिए अहम होते हैं क्योंकि वे छात्रों को उनके संबंधित विषयों में बेहतर बनाने के लिए जिम्मेदार होते हैं।

एपीजे अब्दुल कलाम साल 2002 से 2007 तक वे देश के 11वें राष्ट्रपति रहे और अपने कार्यकाल के दौरान वे विशेष रूप से छात्रों और युवाओं के प्रति अपने स्नेह व जुड़ाव के लिए सुर्खियों में रहे। उनकी दी गई प्रेरणादायक बातें आज भी छात्रों के लिए मार्गदर्शक का काम करती हैं।

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