पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर के सिहोरा के हसनैन अंसारी और इंदौर की हिंदू युवती के शादी के आवेदन के बाद हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को युवती ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि यह उसका निजी मामला है, लेकिन लोग जबरन दखल दे रहे हैं। यदि उसे कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार वे संगठन होंगे जो इस मामले को तूल दे रहे हैं। दरअसल, युवती जबलपुर के सिहोरा निवासी हसनैन अंसारी के साथ शादी करना चाहती है। इसके लिए जबलपुर में अपर कलेक्टर को आवेदन दिया है। शादी की तारीख 12 नवंबर तय हो चुकी है।
युवक-युवती मंगलवार को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट पहुंचे, जहां अर्जेंट सुनवाई हुई। दोनों ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की है। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल धगट की कोर्ट में मौजूद दूसरे वकीलों को बाहर जाने के लिए कहा गया। हाईकोर्ट ने दोनों वकीलों और पुलिस की मौजूदगी में कहा कि कोई भी जानकारी बाहर किसी को नहीं दी जाए। सुनवाई के बाद युवती को 15 दिन के लिए महिला संरक्षण गृह भेज दिया गया। जबकि, युवक को अपने घर जाने के लिए कहा गया।
हसनैन और युवती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि वे अंतरधार्मिक विवाह करना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें कलेक्टर ऑफिस जाकर आवेदन प्रस्तुत करना है, लेकिन इस दौरान उन्हें जान का खतरा है। जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता के तर्कों को सुनकर आदेश दिया है कि दोनों बालिग हैं। वे अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार रखते हैं। जबलपुर एसपी और सिहोरा थाना प्रभारी आगामी सुनवाई तक दोनों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। यह भी सुनिश्चित करें कि उनके विरुद्ध FIR जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाए।
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