पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट अहम बैठक में बुधवार को प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना को मंजूरी मिल गई। आपको बता दे ये केंद्र की ओर से निकाली गई एक नई स्कीम है जिसका उद्देश्य देश के मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है जिससे कोई भी मेधावी छात्र वित्तीय बाधाओं के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। पीएम विद्यालक्ष्मी राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 से निकली एक ऐसी महत्वपूर्ण योजना है, जिसका फायेदा सबसे ज्यादा गरीब तबके के छात्रों को मिलेगा इस योजना में सिफारिश की गई थी कि सार्वजनिक और निजी दोनों ही तरह के उच्च शिक्षा संस्थानों में मेधावी छात्रों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
इस योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन अमाउंट के लिए छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा। इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पीएम विद्यालक्ष्मी योजना के तहत, क्वालिटी हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन (QHEI) में एडमिशन पाने वाला कोई भी छात्र पाठ्यक्रम से जुड़ी ट्यूशन फीस और अन्य खर्चों की पूरी राशि को कवर करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बिना किसी जमानत या गारंटर के लोन प्राप्त करने के लिए पात्र होगा। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है की ये योजना पूरी तरह से डिजिटल होगी।
योजना के तहत 7.5 लाख रुपये तक के लोन अमाउंट के लिए छात्र बकाया डिफॉल्ट के 75% की क्रेडिट गारंटी के लिए भी पात्र होगा। इससे बैंकों को योजना के तहत छात्रों को एजुकेशन लोन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, ऐसे छात्र जिनकी सालाना पारिवारिक आय 8 लाख रुपये या इससे कम है और जो किसी अन्य सरकारी छात्रवृत्ति या ब्याज छूट योजना के तहत लाभ के लिए पात्र नहीं हैं, उन्हें मॉरेटोरियम पीरियड के दौरान 10 लाख रुपये तक के लोन पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट भी प्रदान की जाएगी।