पलपल इण्डिया प्रतिनधि। जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के बाहर बने कार स्टैंड का किराया मांगना वहां तैनात कर्मचारी को इस कदर महंगा पड़ा कि दो लेडी सब इंस्पेक्टर ने उसकी जमकर धुनाई कर दी। घटना के बाद कर्मचारी नौकरी छोड़कर अपने गांव सतना चला गया है। घटना 21 अक्टूबर 2024 की है, सोमवार सीसीटीवी सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बरेला थाने में पदस्थ एक महिला सब इंस्पेक्टर की कार के किराये को लेकर यह विवाद हुआ था, घटना के बाद दोनों ही महिला सब इंस्पेक्टर छुट्टी पर चली गई है।
बरेला थाने में पदस्थ महिला सब इंस्पेक्टर शासकीय काम से अपनी गाड़ी खड़ी करके चली गई थी। 21 तारीख को जब वह वापस आई और स्टैंड में खड़ी कार ले जाने लगी तो कर्मचारी ने पैसे मांगे। इस पर महिला सब इंस्पेक्टर ने कहा कि हम पुलिस है, हमारे पैसे नहीं लगते, इस पर कर्मचारी ने कहा कि आपके 200 रुपए हो गए है और अगर आपने पैसे नहीं दिए तो ठेकेदार मेरी सैलरी से पैसे काट लेगा। इतना सुनते ही महिला सब इंस्पेक्टर बिना पैसे दिए जब वहां से जाने लगी तो कर्मचारी ने उनकी गाड़ी को रोक लिया। जिस पर महिला एसआई भड़क गई और तुरंत ही जीआरपी थाने में फोन लगाया। जानकारी लगते ही जीआरपी थाने में पदस्थ एसआई आकांक्षा सिंह एक आरक्षक के साथ पहुंची और स्टैंड कर्मचारी पर ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाना शुरू कर दिया। इसके बाद एसआई कर्मचारी सोनू सिंह को मारते-मारते जीआरपी थाने लेकर गई जहां काफी देर तक बैठाए रखा।
महिला एसआई आकांक्षा सिंह ने स्टैंड कर्मचारी के साथ मारपीट करते हुए धमकी दी कि अगर दुबारा कभी भी इस तरह की हरकत की और पुलिस वालों से पैसा लिया तो सोच लेना। पुलिस अधिकारी की धमकी के बाद सोनू सिंह ने काम छोड़ दिया और अपने गांव चला गया
महिला सब इंस्पेक्टर आकांक्षा सिंह को स्टैंड कर्मचारी के साथ मारपीट करने का वीडियो सामने आया तो आनन-फानन में जांच शुरू कर दी गई है। जीआरपी थाना प्रभारी बलराम यादव का कहना है कि स्टैंड कर्मचारी राजू सिंह दोनों महिला एसआई के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज कर रहा था। इस कारण से ये स्थिति बनी थी। सोशल मीडिया में जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसकी जांच करवाई जा रही है। इधर एएसपी प्रदीप शेंडे ने भी एसआई आरती मंडलोई से स्पष्टीकरण मांगा है।
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