न्यूयार्क। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एफबीआई प्रमुख पद के लिए नामित किए गए भारतीय-अमेरिकी कश्यप ‘काश’ पटेल ने गुरुवार को सीनेट की पुष्टि सुनवाई से पहले अपने माता-पिता के चरण छुए और ‘जय श्री कृष्णा’ कहकर अभिवादन किया। इस हृदयस्पर्शी क्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
सीनेट ज्यूडिशियरी कमेटी के सामने अपने परिवार का परिचय देते हुए काश पटेल ने कहा, “मैं अपने पिता प्रमोद और माता अंजना का स्वागत करता हूं, जो आज यहां मौजूद हैं। वे भारत से यहां आए हैं। मेरी बहन निशा भी यहां है, जिन्होंने मेरे साथ होने के लिए लंबी यात्रा की है। आपका यहां होना मेरे लिए बहुत मायने रखता है। जय श्री कृष्णा।”
उन्होंने कहा कि वह केवल अपने माता-पिता के सपनों को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि उन लाखों अमेरिकियों की आशाओं को भी प्रतिबिंबित करते हैं जो न्याय, निष्पक्षता और कानून के शासन के लिए खड़े हैं। काश पटेल ने यह भी बताया कि जब राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें एफबीआई निदेशक के रूप में नामित करने की इच्छा जाहिर की, तो उन्हें गहरा सम्मान महसूस हुआ। यदि उनकी नियुक्ति की पुष्टि होती है, तो वे एफबीआई के पहले हिंदू और भारतीय-अमेरिकी निदेशक बन जाएंगे।
सुनवाई के दौरान काश पटेल ने अपने परिवार की संघर्षगाथा साझा की। उनके पिता प्रमोद पटेल युगांडा के तानाशाह इदी अमीन के नस्लीय अत्याचारों से बचकर भारत पहुंचे थे, जब वहां हजारों लोगों को जातीयता के आधार पर मारा जा रहा था। उनकी मां अंजना पटेल तंजानिया की मूल निवासी हैं, जिन्होंने भारत में शिक्षा प्राप्त की और फिर न्यूयॉर्क में बस गईं। काश पटेल ने यह भी बताया कि उन्हें बचपन में नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था, लेकिन उन्होंने इस विषय पर ज्यादा चर्चा करने से परहेज किया।