पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। भारत में कितने संघर्षो, प्रयासों और कितने लोगों की कुर्बानी देने के बाद अयोध्या में आज ही एक दिन हमारे प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी भारत में इस वक्त चारो ओर भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है, इस दिन का जहाँ लोगो ने वर्षों तक इंतज़ार किया था वहीँ आज भगवान के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगाँठ मनाने लोग दूर दूर से अयोध्या पहंच रहे है अयोध्या में भगवान श्री रामलला के भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की पहली सालगिरह मनाने के लिए भक्त काफी खुश नजर आ रहे हैं.
जी हाँ हिंदू पंचांग अनुसार अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा को आज एक साल पूरा हो गया है। इसलिए इस मौके पर 11 जनवरी 2025 को प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ मनाई जा रही है। लेकिन यहाँ सवाल ये उठता है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का एक साल पूरा होगा तो फिर 11 जनवरी को प्रतिष्ठा द्वादशी उत्सव क्यों मनाया जा रहा है।
दरअसल इस उत्सव को मनाने की तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार तय की गई है। जैसे दिवाली, होली, गणेश चतुर्थी आदि उत्सव हिंदू तिथि के हिसाब से मनाए जाते हैं ठीक वैसे ही प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ का उत्सव भी इसी अनुसार मनाया जा रहा है।यह बदलाव हिंदू पंचांग के अनुसार त्योहारों की तारीखों के बदलने के कारण हुआ है. पिछले साल प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी के दिन हुई थी, जो 22 जनवरी को पड़ रहा था. इस बार यह तिथि 11 जनवरी को पड़ी है, इसलिए इसी दिन प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ मनाई जाएगी. इसलिए इसे प्रतिष्ठा द्वादशी भी कहा जा रहा है.
चलिए आपको बताते हैं 11 जनवरी 2025 को अयोध्या राम मंदिर में क्या-क्या होगा।
रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का वार्षिक समारोह ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में 11 से 13 जनवरी तक मनाया जाएगा। इस उत्सव में कई साधु-संत शामिल होंगे। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए 11 से 13 जनवरी तक राम मंदिर में वीआईपी दर्शन बंद रहेगा। लेकिन आम श्रद्धालु दर्शन पूजन कर सकेंगे। जानकारी अनुसार 11 जनवरी की सुबह 10 बजे से लेकर 12 बजे तक रामलला का श्रंगार, महाअभिषेक और महाआरती की जाएगी। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ रामलला की महाआरती करेंगे।
रामलला मूर्ति की स्थापना की पहली वर्षगांठ के मौके पर जिन कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है उनमें हर दिन लगभग 6 घंटे तक यानी तीन दिनों के महोत्सव के दौरान 18 घंटों तक 2000 मंत्रोच्चारण के साथ अग्नि देवता को आहुति दी जाएगी। इन तीन दिनों के दौरान हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ और भगवान राम के बीज मंत्र का जाप किया जाएगा। जानकारी अनुसार 21 ब्राह्मण मिलकर हर दिन इस काम को करेंगे। राम मंदिर में हर दिन शाम के समय में भगवान के सामने राग सेवा प्रस्तुत की जाएगी।