नई दिल्ली. भारतीय शतरंज में नया इतिहास रचा गया है। पहली बार किसी भारतीय खिलाड़ी ने प्रतिष्ठित टाटा स्टील मास्टर्स खिताब पर कब्जा जमाया है। आर प्रज्ञानानंदा ने सडन डेथ मुकाबले में विश्व चैंपियन डी गुकेश को हराकर यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीत लिया। रविवार को खेले गए अंतिम दौर के बाद टाई-ब्रेकर के जरिए विजेता का फैसला हुआ। पूरे टूर्नामेंट में शतरंज प्रेमियों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले।
गुकेश को विश्व चैंपियन के रूप में अपने पहले ही खेल में हार का सामना करना पड़ा, जहां अर्जुन एरिगैसी के आक्रामक खेल के आगे उन्हें झुकना पड़ा। वहीं, प्रज्ञानानंदा भी विन्सेंट केमर के खिलाफ हार गए, जिन्होंने अंतिम दिन शानदार खेल दिखाया। यह स्थिति 2013 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की याद दिलाने वाली थी, जब नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन और रूस के व्लादिमीर क्रामनिक ने संयुक्त रूप से बढ़त बनाई थी लेकिन दोनों हार गए थे। अंततः फाइनल मुकाबले में गुकेश की एक गलती भारी पड़ी और प्रज्ञानानंदा ने इस मौके का पूरा फायदा उठाकर खिताब अपने नाम कर लिया।
इससे पहले, वर्ल्ड चैंपियन डी गुकेश ने नीदरलैंड के जोर्डन वान फॉरेस्ट के खिलाफ ड्रॉ खेला, जबकि ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने सर्बिया के एलेक्सी सेराना को मात दी। इस जीत के साथ प्रज्ञानानंदा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की और अपने अंकों की संख्या 12 में से 8.5 तक पहुंचा दी, जो गुकेश के बराबर थी। संयुक्त बढ़त के कारण टाई-ब्रेकर मुकाबला हुआ, जिसमें प्रज्ञानानंदा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुकेश को मात देकर खिताब जीत लिया।