पलपल इंडिया प्रतिनिधि,इंदौर। इंदौर में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ते जा रही है। अगस्त माह में जहाँ तीन नए मरीज सामने आ चुके हैं। वहीँ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के जरिये जनवरी से अब तक कुल सात मरीज स्वाइन फ्लू के मिल चुके हैं। 1918 में, H1N1 के एक प्रकार से फैली एक फ्लू महामारी ने दुनिया भर में 500 मिलियन लोगों को संक्रमित किया। इसे स्पैनिश फ्लू के नाम से जाना जाता है । दुनिया भर में कम से कम 50 मिलियन लोग मारे गए।
आपको बता दे स्वाइन फ्लू (H1N1) वायरस के कारण होता है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। जब कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है, तो उसकी बूंदें हवा में चली जाती हैं। जब आप सांस के ज़रिए वायरस को अंदर लेते हैं, तो आपको संक्रमण हो सकता है। जब आप किसी दूषित सतह को छूते हैं और फिर अपने मुंह, नाक या आंखों को छूते हैं, तो भी आपको संक्रमण हो सकता है। देखा ये भी गया है की स्वाइन फ्लू अक्सर बरसात यानि नमी जैसे मौसम में जल्दी फैलता है, इसलिए बारिश जैसे मौसम में बीमारियों से बचने के लिए सावधान रहना चाहिए साफ सफाई का विशेष तौर पर ख्याल रखना चाहिए।
डॉक्टरों का कहना है कि अगर किसी को सर्दी और तेज बुखार जैसी शिकायतें हों तो उन्हें तुरंत इलाज लेना चाहिए। कई बार लापरवाही के चलते यह बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। स्वाइन फ्लू को एच1एन1 इन्फ्लुएंजा वायरस के रूप में भी जाना जाता है। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए नियमित रूप से फ्लू का टीका लगवाना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
शिशुओं और बच्चों में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। अगर आपके शिशु या बच्चे में निम्न में से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत उनके स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को फ़ोन करें: