पलपल इंडिया प्रतिनिधि। इजराइल ने शनिवार को ईरान पर पूरे 25 दिन बाद जवाबी हमला किया. इजराइल ने ईरान के 10 ठिकानों को निशाना बनाया. इजराइल ने ये भी कहा है की फिलहाल उसका बदला पूरा हुआ है. वहीं, ईरान की तरफ से कहा गया है कि इजराइली हमले का जवाब देने का अधिकार ईरान के पास है.
ईरान ने इजराइल पर 1 अक्टूबर को हमला किया था, जिसके जवाब में इजराइल ने ईरान पर 26 अक्टूबर को पलटवार किया है और ईरान के 10 ठिकानों पर हमला किया है. इजराइली डिफेंस फोर्स के मुताबिक ईरान के तेहरान, खुजेस्तान और इलाम में मौजूद सैन्य ठिकानों पर हमला करके इजराइल को अपना लक्ष्य पूरा करने में सफलता मिली है. IDF ने बयान जारी कर कहा है कि ईरान पर हमला करके इजराइली प्लेन सुरक्षित वापस लौट आए हैं. इजरायली सेना (IDF) का कहना है कि उसने ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, क्योंकि इस क्षेत्र में ‘ईरान और उसके प्राक्सी’ महीने से हमले कर रहे हैं।
ईरान ने 1 अक्टूबर को 180 से अधिक बैलेस्टिक मिसाइलों से इजराइल पर हमला किया था. ईरान ने इजराइल के एक एयरबेस और मोसाद मुख्यालय को निशाना बनाया था. उससे पहले ईरान ने 13 अप्रैल को करीब 300 से अधिक मिसाइल और ड्रोन से इजराइल पर हमला किया था. कुछ मिसाइलें इजरायली हवाई बेस पर भी गिरी थीं। इजरायल के प्रधानमंत्री ने इन हमलों के बाद ईरान पर जवाबी हमले की कसम खाई थी। इजराइल के मुताबिक जहां से इजराइल पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले हुए थे इजराइल ने उन बेस को शनिवार की स्ट्राइक में तबाह कर दिया है.
ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम फोर्स की तरफ से जारी बयान में यह माना गया है कि इजराइल ने तेहरान समेत तीन इलाकों पर सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे . साथ ही इजराइल के हमले में उसके दो सैनिकों की मौत हो गई . ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम ने दावा किया है कि उन्होंने इजराइली हमलों को रोका भी है. हालांकि, किस एयर डिफेंस सिस्टम से कितने हमलों को रोकने में सफलता मिली इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई हैं. इससे पहले ईरान ने कहा था कि इस हमले में उसे सीमित नुकसान पहुंचा है। ईरान ने कहा कि इजरायल ने अपने हमले में उसके दो सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचाया है। इस बीच इजरायल ने कहा है कि अगर ईरान ने जवाबी हमला किया तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी
इजराइल के सैना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने एक वीडियो संदेश में शनिवार को कहा, ईरान का शासन और क्षेत्र में उसके समर्थक सात अक्टूबर से इजराइल पर लगातार हमले कर रहे हैं. जिनमें ईरानी धरती से किए गए सीधे हमले भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, दुनिया के हर देश की तरह इजराइल को भी जवाब देने का अधिकार है और यह उसका कर्तव्य है.