पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर में EOW ने PWD के पांच अधिकारियों पर जालसाज़ी, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों ने भोपाल के चर्चित बिल्डर और कंसलटेंट एलएन मालवीय के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। सरकार को करोड़ों का चूना लगाने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। दरअसल, जबलपुर में पुल और सड़कों के निर्माण के लिए एल एन इंफ्रा कंपनी को कंसलटेंट बनाया गया था। विभाग ने कंसलटेंट कंपनियों के लिए 12 करोड़ का फंड रखा था। अधिकारियों ने मिली भगत कर नियम विरुद्ध 26 करोड़ रुपए कंसल्टेंसी के तौर पर दिए गए। इससे सरकार को 13.86 करोड़ रुपए से भी अधिक का नुकसान पहुंचा है। कई महीनों की जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने केस दर्ज किया है। तत्कालीन एई सजल उपाध्याय, एमपी सिंह एस ई, नरेंद्र कुमार डायरेक्टर एनबीडी और आर एन मिश्रा तत्कालीन फाइनेंशियल एडवाइजर पीडब्ल्यू को मामले है। इन सभी पर धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और साजिश के तहत भ्रष्टाचार के नियम की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। मेसर्स एल एन. मालवीय इंफ्रा प्रा. लि. द्वारा फर्जी तरीके से जिन key experts की CV लगाकर निविदा प्राप्त की है। उनका नाम सुभाष कुमार चौधरी, उदय शंकर मलिक, मनीष कुल्हारे चन्द्रकान्तबी मुदरना, साहब सिंह हरीचरण पिता गया प्रसाद मुदगल, लोकनाटी महेश पुलोरिया अरविन्द कुमार गुप्ता है। इन सभी लोगों का फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर उन्हें बीमार बताकर निविदा प्राप्त होने के पश्चात बदल दिया गया है।
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