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उत्तरकाशी में टनल में फंसे मजदूरों को निकालना बहुत कठिनाईपूर्ण कार्य था, लेकिन निराशा के अंधकार में भी उम्मीद की किरण बनी रही। प्रवीण कुमार यादव, जो उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हैं, उन्होंने इस मुश्किल समय में मजदूरों की मदद के लिए टनल में काम किया।
प्रवीण ने सुरंग, खाई, और संकड़ी जगहों पर काम करके अपनी कठिनाईयों को पार किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रेंचलेस इंजीनियरिंग सर्विस के माध्यम से एक कॉल मिला जिसमें उनसे कहा गया कि वह सिल्कयारा टनल में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए जाएं। उन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचने का निर्णय किया और अपने साथ बलविंदर को भी लेकर टनल में गए।
टनल में पहुंचकर उन्होंने देखा कि एस्केप टनल में से 40-42 मीटर का रास्ता साफ कर लिया गया है, लेकिन उसके बाद सरिए, सीमेंट, और कंक्रीट की बड़ी चट्टानें रास्ते में बाधा डाल रही थीं। उन्होंने और उनके साथी ने यहां चुनौती को स्वीकार किया और कटिंग मशीन के साथ काम करना शुरू किया।
गैस कटर का उपयोग करते समय, उनके चेहरे और शरीर पर चिंगारी लग रही थी, लेकिन उन्होंने अपने सुरक्षा उपकरणों का सही तरीके से उपयोग किया और कठिनाईयों को पार करते हुए टनल में 3 घंटे तक काम किया। उन्होंने यह भी बताया कि ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें सांस लेने में कठिनाई हो रही थी, लेकिन उनका हौसला और इरादा उन्हें सफलता तक पहुंचाए रखा।