पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर जिले का एक ऐसा गांव जहां पूरे वर्ष में एक दिन ही ऐसा अनोखा आयोजन होता है। जिसको देखने आसपास के जिलों से लोग एकत्रित होते हैं, आयोजन तब तक चलता है, जब तक कि मटकी ना फूट जाए। यह मटकी एक अनोखे अंदाज में बांधी जाती है जो धरती से करीब 50 फुट की ऊंचाई पर होती है। जिसको फोड़ने के लिए करीब 100 मीटर तक अपने हाथों से लटकते हुए रस्से के सहारे जाना पड़ता है। ऐसा करने के लिए सैकड़ो लोग अपने भाग्य आजमाते हैं, लेकिन उसमें एक ऐसा कन्हैया होता है जो मटकी फोड़ कर आ जाता है। मटकी तक जाने के लिए जो लोग फेल होते हैं, वह सीधे पानी में गिरते हैं। जहां 10 फुट पानी पहले से भरा रहता है, समिति की तरफ से मटकी फोड़ने की इजाजत उन्हीं को दी जाती है जिन्हें तैरना आता है।
मटकी एक तालाब के ऊपर बांधी जाती है जिसमें एक रस्सी के सहारे दोनों तरफ झाड़ो से रस्सी बंधी होती है। उसके बीचो बीच मटकी बांधी जाती है। ऐसा ही आयोजन जबलपुर जिले के बेलखेड़ा के समीप कुआंखेड़ा में हुआ। जिसका आयोजन, श्री राधा कृष्ण समिति कुआंखेड़ा के सानिध्य में हुआ, समिति के अध्यक्ष अरविंद पचौरी, उपाध्यक्ष रामकृष्ण पचौरी, ने बताया कि यह कार्यक्रम कृष्ण जन्माष्टमी के दिन होता है। जिसमें सैकड़ो लोग मटकी फोड़ने के लिए अपनी किस्मत अजमाते हैं। जिनमें से एक कन्हैया होता है जो मटकी फोड़ने के लिए सफल हो जाता है यह दसवां वर्ष है, तथा मटकी फोड़ने वाले को 71 सौं, की राशि नगद दी जाती है। जिसमें हमारे ग्राम के पास के अनिल सिंह ठाकुर ने यह मटकी फोड़ कर 71, सौ की राशि जीती है।
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