पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। भारत एक आस्था से भरा देश है इस देश को हम आस्था का केंद्र बिंदु भी मान सकते है ऐसी में अभी सावन का माह चल रहा है,जिसमे भक्त भगवान शिव की पूजा आराधन करते है.शिवभक्ति में डूबे देश के कोने कोने में करोड़ों लोग अपनी अपनी आस्था नियम के साथ भगवान भोले नाथ का पूजन अर्चन करते है, भारत में ऐसे बहुत से भगवान शिव के चमत्कारी और रहस्यों से भरे मंदिर है जिन के चमत्कारों पर विज्ञानं खुद हैरान है. ऐसा ही एक भगवान शिव का मंदिर हिमाचल प्रदेश में स्थित है, जिन्हें बिजली महादेव के नाम से जाना जाता है.
हर 12 साल के बाद बिजली गिरती है महादेव पर
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में सात हजार 8 सौ फीट की ऊंचाई पर बिजली महादेव का मंदिर है. जहाँ हर 12 साल के बाद बिजली महादेव मंदिर के शिवलिंग पर गिरती है जिसके बाद बिजली के गिरने से शिवलिंग टूटकर चकनाचूर हो जाता है. लेकिन कुछ समय बाद फिर से वापस अपने आकार में परिवर्तित हो जाता है. मान्यता है कि इस मंदिर में भक्तों को आसमान से गिरने वाली बिजली से बचाने के लिये महादेव खुद सामने आते हैं. मंदिर के बाहर लगभग 50 फीट की ऊंचाई पर एक पेड़ पर लगे त्रिशूल से होते हुए बिजली सीधे शिवलिंग तक पहुंचती है.जिसके बाद शिवलिंग टूटकर चकनाचूर हो जाता है.
शिवलिंग कई खंडों में बंटने के बाद वापस अपने वास्तविक रूप में आ जाता है
पुजारियों का कहना है की कई खंडों में बंटने के बावजूद महादेव का शिवलिंग रहस्यमय तरीके से दोबारा जुड़ जाता है. बिजली गिरने के बाद पुजारी बताते है शिवलिंग के हर टुकड़े को वे इकट्ठा करते हैं और फिर नमक, मक्खन और सत्तू का लेप लगाकर शिवलिंग को वापस एक साथ रख देते हैं ऐसा करने के कुछ समय बाद शिवलिंग वापस अपने वास्तविक रूप में आ जाता है. बिजली गिरने का कोई समय निर्धारित नहीं होता इसके बाद भी बिजली सीधे भगवान शिव पर गिरती है.