पलपल इंडिया प्रतिनिधि,दमोह। दमोह जिला अस्पताल में लापरवाही और मानवता को शर्मशार करने वाली कई खबरें सामने आई हैं पर ये खबर आपको जरूर चौंका देगी और आप कहेंगे ये तो वाकई मौत का अस्पताल,है जी हां मौत का अस्पताल…..दरअसल दमोह जिला अस्पताल में 4जुलाई को जिन गर्भवती महिलाओं के सीजर ऑपरेशन हुए। उनमें एक दो नहीं सभी को पेशाब रुकने और इन्फेक्शन की शिकायत हुई और एक के बाद एक पांच महिलाओ ने इलाज के बाद दम तोड़ना शुरू कर दिया सिर्फ बीस दिन के भीतर पांचों महिलाओं ने एक एक कर दम तोड दिया,पांच नवजातों के सिर से मां का आंचल छिन गया।महिलाओं के परिजनो ने जिला अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।आज शव सड़क पर रखा और दोषियों के खिलाफ मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की। दमोह कलेक्टर ने इसे बड़ी लापरवाही मानकर जांच का आश्वासन दिया है और एक हफ्ते के अंदर रिपोर्ट के बाद कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।
चार जुलाई को जिला अस्पताल दमोह में हुए ऑपरेशन के इन सभी मामलों में यूरीन रुक जाने से मामले गंभीर हुए और आईसीयू से किडनी फेल डायलिसिस और अंत में मौत तक पहुंच गए।अब तक पांच मौत के आंकड़े तो सबके सामने हैं और पर्दे के पीछे के मामले कहां और किस हाल में हैं किसी को नहीं पता। अब देखना होगा की कलेक्टर साहब की जांच की रिपोर्ट कब और क्या हकीकत लेकर सामने आती है, जिसका हफ्ते भर तक तो इंतजार करना ही होगा,…फिलहाल तो पांच घर उजड़ गए और छिन गया नौनिहालों के सिर से मां का साया।
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