पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। जबलपुर के अतिरिक्त, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन एवं सागर में चलाई जाएंगी ई-बसें। इलेक्ट्रानिक बसें मिडी होंगी, जोकि वातानुकूलित रहेंगी। राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में 552 ई-बसों के संचालन का प्रविधान किया है। इनके शीघ्र संचालन के लिए तैयारियां आरंभ कर दी गई हैं। एमपी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में 100 नई ई बसों के शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन को गति मिलेगी। हर वर्ग के लोगों को एक स्थान से दुसरे स्थान तक जाने में आसानी के साथ यह ई बसे एक अच्छा विकल्प होंगी।
इन ई-बसों के संचालन से ना धुआं होगा और ना ही वायु प्रदूषण। इतना ही नहीं यह ई-बसें ई-टिकट के साथ कई बहुत सी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी।यात्री कम मूल्य पर सुखद यात्रा का अनुभव प्राप्त होगा।इन बसों में ईंधन के रुप में डीजल का उपयोग होता है। नई बसें विधुत से चलेंगी, इसलिए ध्वनि प्रदूषण से भी काफी हद तक राहत मिल सकेगी ।ग्रीन अर्बन मोबिलिटी इनिशियेटिव के अंतर्गत ई-बसों के लिए आधारभूत संरचना तैयार की जाएगी। निगम का पर्यावरण अनुकूल व्यवस्था पर जोर रहेगा। यह ई बसे विधुत बसे से चलेंगी इसलियें इन ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनेगा। ई-बसों का संचालन पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में होगा। इसके लिए प्रदेश सरकार 50 स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक चेक गेट लगाने जा रहा है। यह एक तरह की जांच चौकियां होंगी। ई-चेक गेट प्रदेश की बॉडर के साथ प्रमुख शहरों की सीमा पर भी लगाए जाएंगे। इसमें वाहन समेत मालिक और खनिज का पूरा डाटा होगा।
HIGHLIGHTS
इन ई-बसों के संचालन से ना धुआं होगा और ना ही वायु प्रदूषण
इनमें खास तरह के कैमरे लगाए जाएंगे।
चालान सीधे वाहन मालिक के मोबाईल पर पहुंच जाएगा।
चालान जमा नहीं होने पर सात दिन बाद ही ये प्रकरण न्यायालय पहुंच जाएगा।
यदि वाहन ओवरलोडिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन करता है तो विभाग को इसका ऑनलाइन पता लग जाएगा।
इनकी मदद से अवैध परिवहन और ओवरलोड को रोका जएगा।