पलपल इंडिया प्रतिनिधि।पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवा चुकी भारतीय सेना ने 26 जुलाई, 1999 के दिन पाकिस्तानी सेना को खदेड़ते हुए कारगिल में विजय का तिरंगा लहराया था। जिसके बाद से ही हर साल 26 जुलाई के दिन भारत “कारगिल विजय दिवस” मनाता है। आज 26 जुलाई है आज के दिन कई वीर जवानों ए अपने देश के लिए अपनी जान कुर्वन की थी और भारत देश को दुश्मन से जीत दिलवाई थी आज पूरा देश उन्हें याद कर कारगिल विजय दिवस मना रहा है. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कारगिल के द्रास पहुच कर बलिदान देने वाले शहीदों को श्रधांजली दी जहाँ पी एम मोदी कारगिल युद्ध स्मारक भी पहुंचे उन्होंने पुरे वॉर मेमोरियल का मुयायना किया।
जब आप कारगिल वॉर मेमोरियल जाएंगे तो वहां आपको अमर जवान ज्योति और शान से लहराता हुआ ऊंचा तिरंगा दिखाई देगा। इसके बाईं ओर शीलाओं में शहीद जवानों के नाम लिखे हुए दिखेंगे। यह स्मारक गुलाबी बलुआ पत्थर से बना है। इस मेमोरियल के अंदर अमर जवान ज्योति लगातार जलती रहती है। वर्तमान में यह कारगिल में पर्यटकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बन चुका है। कारगिल वॉर मेमोरियल के पास संग्रहालय है।
जिसमें जिसमें युद्ध के दौरान ली गई तस्वीरें, सेना के प्रतीक, युद्ध दस्तावेज,हिमालय पर्वत श्रृंखला के लघु चित्र रखे गए हैं। कैप्टन मनोज पांडे के नाम पर एक विशेष युद्ध गैलरी में युद्ध के दौरान जब्त किए गए पाकिस्तानी हथियारों और तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया है। इसी के साथ प्रवेश द्वार पर, टूरिस्ट को डॉ. हरिवंश राय बच्चन द्वारा लिखित एक शोकगीत मिलेगा। इस युद्ध स्मारक की दीवारों पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों और अधिकारियों के नाम अंकित हैं। कारगिल वॉर मेमोरियल साइट से टोलोलिंग हाइट्स, टाइगर हिल और प्वाइंट 4875 (बत्रा टॉप) दिखाई दे रहे हैं, जहां भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था।