मप्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय की पहल जिसमे किन्नरों को निशुल्क शिक्षा देने की पहल की गई है। स्वीकृति प्राप्त होने पर दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को भी नियमानुसार छात्रवृत्ति की पात्रता मिलेगी।
पलपल इंडिया प्रतिनिधि, जबलपुर। मध्य प्रदेश भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय ने किन्नरों को निशुल्क उच्च शिक्षा सुलभ कराने में बड़ी पहल की है। जिसमे हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण करने के बाद किन्नर के आगे की पढ़ाई के लिए इच्छुक होने पर उन्हें विश्वविद्यालय में निशुल्क पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी। विश्वविद्यालय ने किन्नरों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय ने बलिदानियों के स्वजन को भी दूरस्थ शिक्षा शुल्क से छूट की घोषणा की है। इन्हें भी विश्वविद्यालय में प्रवेश से लेकर अध्ययन सामग्री तक निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया इसी माह से आरंभ होगी। प्रदेश के मूल निवासियों के साथ ही अन्य राज्य के संबंधित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए भी विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रमों में अध्ययन निशुल्क होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय के समस्त क्षेत्रीय केंद्रों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। वे अपने क्षेत्राधिकार में निवासरत किन्नरों के संपर्क कर उनके साथ संवाद स्थापित करने के साथ उन्हें शिक्षा के लिए जागरूक भी करेंगे। अध्ययन के दौरान किसी प्रकार की समस्या होने पर समाधान भी किया जायेगा।
संस्थान की मंशा उच्च शिक्षा के माध्यम से किन्नरों को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उनके पुनर्वास की है। इसमें समाजसेवी संगठनों की सहायता लेने का भी प्रयास है।
बलिदानियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके स्वजन को निशुल्क शिक्षा देने का प्रस्ताव है। इसमें सैद्धांतिक सहमति की औपचारिकता मात्र शेष है। नए सत्र से ही योजना को लागू किया जाना है। किन्नरों को भी निश्शुल्क का प्रावधान किया है। वह विश्वविद्यालय में संचालित किसी भी पाठ्यक्रम को योग्यतानुसार चुन सकते है। हमारी मंशा है कि उच्च शिक्षा दूरस्थ माध्यम से सभी वर्ग को सुलभ होगा। इसलिए आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को शासकीय छात्रवृत्ति योजना देने का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए शासन को प्रेषित किया गया है।
– डॉ. सुशील मंडेरिया, कुलसचिव, मप्र भोज मुक्त विश्वविद्यालय