पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। प्रशासन की कार्रवाई का बदला लेने से निजी स्कूल अभी भी बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला चौधरी मदर केयर स्कूल का सामने आया है जहां रमाकांत प्रसाद के बेटे हनी पाल को क्लास में बैठने नहीं दिया जा रहा है। रमाकांत प्रसाद ने जब स्कूल प्रबंधन से इसका कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि उनकी 34 हजार रुपए की फीस बकाया है, जबकि रमाकांत प्रसाद का कहना है कि वह हर महीने फीस जमा करते हैं जो स्कूल प्रबंधन बकाया बता रहा है वह कोरोना काल है जो माफ कर दी गई थी।
लेकिन अब उनके द्वारा जमा की गई फीस को कोरोना के दौरान की फीस में एडजस्ट कर दिया गया। जिसकी वजह से अब उन पर 34 हजार रुपए का बकाया बताया जा रहा है, जबकि स्कूल न जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। उन्होंने अपने बेटे के साथ कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर दीपक सक्सेना से इंसाफ की गुहार लगाई है।
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