पलपल इंडिया प्रतिनिधि,जबलपुर। दस दिवसीय गणेश उत्सव आज से शुरू हो गया। गणेश उत्सव के पहले दिन नर्मदा के तट गौरी घाट स्थित श्री सिद्ध गणेश मंदिर अर्जी वाले गणेश जी के मंदिर में सुबह से धार्मिक अनुष्ठानों का दौर शुरू हो गया। सुबह अभिषेक के बाद भगवान गणेश का सहस्त्रार्चन किया गया। उसके बाद भगवान गणेश के जन्म समय के अनुसार दोपहर 12 बजे महा आरती की गई। इस मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान भगवान श्री गणेश के द्वादश नामों का प्रतिदिन पूजन अर्चन किया जाता है, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। गणेश चतुर्थी पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का श्री सिद्ध गणेश मंदिर में दर्शनों के लिए तांता लगा हुआ है।
मनोकामना होती है पूरी
इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामना पर्ची पर लिखकर एक नरियल सहित मंदिर में अर्पित कर देते हैं। मंदिर प्रबंधन द्वारा पर्ची पर लिखी मनोकामना को एक रजिस्टर में व्यक्ति के नाम और पते के साथ लिख लिया जाता है। इसके बाद पर्ची और नारियल गणेश जी के सामने रखा जाता है। माना जाता है कि पर्ची पर लिखी मनोकामना गणेश जी पूरी करते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद लोग आकर अपनी मन्नत के अनुसार गणेश जी की विशेष पूजा अर्चना करते हैं।
श्री सिद्ध गणेश मंदिर के संस्थापक स्वामी रामबहादुर महाराज ने बताया कि अनेक बाधाओं के बीच इस मंदिर का निर्माण हुआ है। जिसके लिए भगवान से अर्जी लगाई गई थी। तब से यह मंदिर अर्जी वाले गणेश मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां अर्जी लगाने वाले नारियल के साथ आते हैं। अर्जी बकायदा रजिस्टर में दर्ज की जाती है। अब तक करीब 80 हजार लोग अर्जी लगा चुके हैं। इन सबका लेखा जोखा भी मंदिर में मौजूद है।
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